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चीनी पत्रकार का दावा: 3,000 करोड़ नहीं, 324 करोड़ की है सरदार पटेल की प्रतिमा; बाकी रकम में रिश्वतखोरी का आरोप

राष्ट्रीय/ गुजरात | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 7 जुलाई 2026

सरदार वल्लभभाई पटेल की स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें एक कथित चीनी पत्रकार के हवाले से गंभीर आरोप लगाए गए हैं। वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि प्रतिमा की वास्तविक लागत लगभग 324 करोड़ रुपये थी, जबकि परियोजना पर करीब 3,000 करोड़ रुपये खर्च होने की बात कही गई। पोस्ट में आरोप लगाया गया है कि शेष राशि कथित तौर पर रिश्वतखोरी और कमीशन में चली गई।

वायरल पोस्ट में लिखा गया है कि “सरदार पटेल की मूर्ति की कीमत 3,000 करोड़ नहीं, मात्र 324 करोड़ रुपये है। बाकी रकम दोनों देशों के व्यापारियों ने बड़े कमीशन के रूप में खा ली।”

इसी पोस्ट में राम मंदिर चढ़ावा विवाद का भी जिक्र करते हुए सरकार पर निशाना साधा गया है। पोस्ट में आरोप लगाया गया है कि पहले सरदार पटेल की प्रतिमा और अब राम मंदिर के नाम पर भ्रष्टाचार हुआ है।

हालांकि, वायरल पोस्ट में किए गए इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि कथित चीनी पत्रकार कौन हैं, उन्होंने यह दावा कब और किस मंच पर किया, और उनके आरोपों के समर्थन में कोई आधिकारिक दस्तावेज या विश्वसनीय जांच रिपोर्ट मौजूद है या नहीं।

गौरतलब है कि गुजरात के केवड़िया में स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का उद्घाटन वर्ष 2018 में हुआ था। यह दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है और इसकी निर्माण लागत को लेकर समय-समय पर राजनीतिक बहस होती रही है। परियोजना की कुल लागत और उससे जुड़े विभिन्न पहलुओं पर पहले भी विपक्ष और सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप होते रहे हैं।

फिलहाल केंद्र सरकार या परियोजना से जुड़े किसी आधिकारिक विभाग की ओर से वायरल पोस्ट में किए गए इन दावों पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसलिए इन आरोपों को फिलहाल सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक दस्तावेजों या विश्वसनीय जांच के सामने आने का इंतजार करना आवश्यक है।

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