राष्ट्रीय/ राजस्थान/ अपराध | ABC NATIONAL NEWS | उदयपुर | 7 जुलाई 2026
राजस्थान के उदयपुर स्थित आरएनटी मेडिकल कॉलेज से जुड़े छह सरकारी अस्पतालों में मैनपावर सप्लाई से जुड़े एक बड़े कथित घोटाले का खुलासा हुआ है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दो निजी प्लेसमेंट एजेंसियों पर लगभग 500 फर्जी कर्मचारियों की हाजिरी लगाकर हर साल करीब 45 करोड़ रुपये का भुगतान लेने का आरोप लगा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, पन्नाधाय सिक्योरिटी और बिलीव सोल्यूशन नामक एजेंसियों को करीब 2,000 कर्मचारियों की आपूर्ति का ठेका मिला था। आरोप है कि इनमें से लगभग 500 कर्मचारी केवल कागजों में मौजूद थे, जबकि उनके नाम पर नियमित भुगतान लिया जाता रहा।
जांच में कई चौंकाने वाले दावे सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, जेल में बंद एक कर्मचारी यश दत्त की भी लगातार ड्यूटी दर्ज होती रही। इसके अलावा एक ही कर्मचारी की दो-दो शिफ्ट, 24 घंटे लगातार ड्यूटी और मृत या लंबे समय से अनुपस्थित लोगों के नाम पर भी उपस्थिति दर्ज कर भुगतान किए जाने के आरोप लगे हैं।
मीडिया रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि एजेंसियां कर्मचारियों के बैंक खातों में वेतन जमा कराती थीं और बाद में उनसे आधी राशि नकद या बैंक ट्रांसफर के जरिए वापस ले लेती थीं। कुछ कंप्यूटर ऑपरेटरों के नाम पर दोहरी सैलरी का रिकॉर्ड भी सामने आने का दावा किया गया है।
बताया जा रहा है कि यह पूरा कथित सिंडिकेट पिछले पांच वर्षों से सक्रिय था। मामले का खुलासा एक खोजी रिपोर्ट के बाद हुआ, जिसके आधार पर आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राहुल जैन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
फिलहाल मामले की जांच जारी है। आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। यदि जांच में ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह राजस्थान के स्वास्थ्य क्षेत्र में मैनपावर सप्लाई से जुड़ा सबसे बड़ा वित्तीय घोटालों में से एक माना जा सकता है।



