टेक्नोलॉजी | ABC NATIONAL NEWS | बीजिंग | 5 जुलाई 2026
चीन अब इंसानों जैसे दिखने और काम करने वाले ह्यूमनॉइड रोबोट को भविष्य की सबसे बड़ी तकनीक मानकर उस पर बड़े पैमाने पर निवेश कर रहा है। सरकार अरबों डॉलर खर्च कर रही है ताकि ये रोबोट आने वाले वर्षों में फैक्ट्रियों, अस्पतालों, होटलों, स्कूलों और दूसरे क्षेत्रों में काम कर सकें। फिलहाल इन रोबोटों का इस्तेमाल सीमित है, लेकिन चीन उन्हें तेजी से आम जिंदगी का हिस्सा बनाने की तैयारी कर रहा है।
इसी बीच चीन में ह्यूमनॉइड रोबोट का एक नया कारोबार भी शुरू हो गया है। अब इन्हें खरीदने के बजाय किराये पर भी लिया जा सकता है। कई कंपनियां प्रदर्शनियों, व्यापार मेलों, कॉर्पोरेट कार्यक्रमों और प्रचार अभियानों के लिए रोबोट उपलब्ध करा रही हैं।
हांगझोउ के एक कारोबारी ने करीब 30 हजार डॉलर खर्च कर पहला ह्यूमनॉइड रोबोट खरीदा। अब वह इसे रोजाना लगभग 3,000 युआन के किराये पर देता है। यह रोबोट प्रदर्शनियों में लोगों का स्वागत करता है, कार्यक्रमों में आकर्षण का केंद्र बनता है और यहां तक कि शादी के प्रस्ताव जैसे खास मौकों पर भी इस्तेमाल किया जाता है।
हालांकि कारोबार अच्छा चल रहा है, लेकिन इससे जुड़ी चुनौतियां भी सामने आने लगी हैं। कारोबारियों का कहना है कि पहले जहां ऐसे रोबोट लोगों के लिए नई चीज थे, अब बाजार में कई कंपनियां इसी तरह की सेवाएं देने लगी हैं। इससे किराया कम होने लगा है और प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर नाचते, दौड़ते या करतब दिखाते रोबोट जितने प्रभावशाली दिखाई देते हैं, वास्तविक दुनिया में वे अभी उतने सक्षम नहीं हैं। अभी अधिकांश रोबोट अपने आप पूरी तरह काम नहीं कर सकते। उन्हें कई कामों के लिए इंसानों की निगरानी और निर्देश की जरूरत पड़ती है।
इसके बावजूद चीन इस तकनीक को लेकर बेहद गंभीर है। सरकार का मानना है कि भविष्य में श्रमिकों की कमी और बढ़ती उत्पादन लागत से निपटने में ह्यूमनॉइड रोबोट बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। यही वजह है कि इस क्षेत्र को राष्ट्रीय प्राथमिकता दी गई है।
हाल ही में चीन सरकार ने एक नई योजना शुरू की है, जिसके तहत इस साल के अंत तक ह्यूमनॉइड रोबोट का इस्तेमाल 100 से अधिक महत्वपूर्ण क्षेत्रों में शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार चाहती है कि ये रोबोट केवल प्रदर्शन तक सीमित न रहें, बल्कि उद्योग और सेवा क्षेत्र में भी काम करें।
वर्तमान में चीन औद्योगिक रोबोट बनाने में दुनिया का सबसे बड़ा देश है। पिछले वर्ष दुनिया में भेजे गए ह्यूमनॉइड रोबोटों में भी चीनी कंपनियों की हिस्सेदारी सबसे अधिक रही। इस मामले में चीन ने अमेरिका की कई कंपनियों को पीछे छोड़ दिया है।
बीजिंग के यीजुआंग इलाके में ऐसे कई परीक्षण केंद्र बनाए गए हैं, जहां 120 से अधिक ह्यूमनॉइड रोबोट अलग-अलग काम करते हुए दिखाई देते हैं। कोई पार्सल छांट रहा है, कोई पॉपकॉर्न बांट रहा है, तो कोई बच्चों की देखभाल से जुड़े काम सीख रहा है। हालांकि इन सभी रोबोटों की निगरानी अभी प्रशिक्षित लोग कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि सबसे बड़ी चुनौती यह है कि रोबोटों के पास वास्तविक दुनिया का पर्याप्त अनुभव और डेटा नहीं है। इसी कारण वे कई परिस्थितियों में सही निर्णय नहीं ले पाते। जब तक उन्हें बड़े पैमाने पर वास्तविक वातावरण में काम करने का मौका नहीं मिलेगा, तब तक उनका विकास सीमित रहेगा।
बाजार से जुड़े विश्लेषकों के अनुसार, इस समय चीन में 140 से अधिक कंपनियां ह्यूमनॉइड रोबोट बना रही हैं। लेकिन आने वाले वर्षों में प्रतिस्पर्धा इतनी बढ़ सकती है कि केवल कुछ बड़ी और मजबूत कंपनियां ही टिक पाएंगी। कई छोटी कंपनियों को निवेश और वित्तीय सहायता की जरूरत पड़ सकती है।
फिलहाल चीन की रणनीति साफ है। सरकार चाहती है कि आने वाले समय में ह्यूमनॉइड रोबोट देश की अर्थव्यवस्था, उद्योग और सेवा क्षेत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बनें। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तकनीक को पूरी तरह आम लोगों तक पहुंचने में अभी कई वर्ष लगेंगे, लेकिन चीन ने भविष्य की इस दौड़ में अपनी तैयारी तेज कर दी है।




