Home » International » रूसी सैनिकों को चीन में सैन्य प्रशिक्षण देने की खबरों पर जर्मनी सख्त, चीनी राजदूत को किया तलब

रूसी सैनिकों को चीन में सैन्य प्रशिक्षण देने की खबरों पर जर्मनी सख्त, चीनी राजदूत को किया तलब

अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | बर्लिन | 5 जुलाई 2026

रूस और यूक्रेन युद्ध के बीच चीन की भूमिका को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। जर्मनी ने उन मीडिया रिपोर्टों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, जिनमें दावा किया गया है कि चीन की सेना रूस के सैनिकों को अपने यहां प्रशिक्षण दे रही है। इस मामले को गंभीर मानते हुए जर्मनी के विदेश मंत्रालय ने बर्लिन में चीन के राजदूत को तलब किया और उनसे जवाब मांगा।

जर्मन विदेश मंत्रालय ने कहा कि यदि ये रिपोर्ट सही हैं, तो यह बेहद चिंताजनक है। मंत्रालय के अनुसार, रूस को किसी भी तरह का ऐसा सहयोग, जिससे वह यूक्रेन के खिलाफ युद्ध जारी रख सके, यूरोप की सुरक्षा के लिए भी खतरा है।

यह विवाद जर्मन अखबार डी वेल्ट (Die Welt) की एक रिपोर्ट के बाद सामने आया। अखबार ने 20 मई को प्रकाशित अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने गुप्त रूप से रूस के कई सौ सैनिकों को अपने यहां सैन्य प्रशिक्षण दिया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि इनमें से कुछ सैनिक बाद में यूक्रेन युद्ध में भी तैनात किए गए।

हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। समाचार एजेंसी एएफपी ने भी कहा है कि वह इन दावों का अलग से सत्यापन नहीं कर पाई है।

जर्मनी के विदेश मंत्रालय ने कहा कि रूस को मिलने वाला ऐसा कोई भी समर्थन यूरोप की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है। मंत्रालय ने बताया कि इस मुद्दे पर जर्मनी अपने यूरोपीय सहयोगी देशों के साथ भी लगातार चर्चा कर रहा है।

जर्मन सरकार पहले भी चीन पर रूस की मदद करने को लेकर चिंता जता चुकी है। फरवरी में जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ की चीन यात्रा के दौरान भी यह मुद्दा दोनों देशों के बीच बातचीत का हिस्सा बना था।

यह रिपोर्ट ऐसे समय सामने आई है, जब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बीजिंग में उच्च स्तरीय बैठक हुई थी। दोनों देशों के बढ़ते रणनीतिक और सैन्य संबंधों पर पश्चिमी देशों की पहले से नजर बनी हुई है।

फिलहाल चीन की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन जर्मनी का यह कदम संकेत देता है कि यूरोप अब रूस-यूक्रेन युद्ध में चीन की संभावित भूमिका को लेकर और अधिक सतर्क हो गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भविष्य में इन रिपोर्टों की पुष्टि होती है, तो इससे चीन और यूरोपीय देशों के रिश्तों पर भी असर पड़ सकता है। वहीं, रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक तनाव और बढ़ने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted