राजनीति | ABC NATIONAL NEWS | लखनऊ | 5 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 अभी करीब एक साल दूर हैं, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसके सहयोगी दलों ने अभी से चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। लखनऊ में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की मौजूदगी में रविवार को पार्टी और उसके सहयोगी दलों के नेताओं की अहम बैठक हुई। बैठक के बाद नेताओं ने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) पूरी तरह एकजुट है और उसका लक्ष्य 2017 विधानसभा चुनाव जैसी बड़ी जीत दोहराना है।
नितिन नवीन दो दिवसीय दौरे पर लखनऊ पहुंचे हैं। अपने दौरे की शुरुआत उन्होंने उत्तर प्रदेश बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्षों के साथ चाय पर बैठक करके की। इस दौरान पार्टी के संगठन को और मजबूत बनाने, कार्यकर्ताओं की भूमिका बढ़ाने और 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक के बाद बीजेपी नेताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले वर्षों के दौरान विकास, कानून-व्यवस्था, बुनियादी ढांचे और जनकल्याण योजनाओं पर हुए काम के आधार पर जनता के बीच जाने की तैयारी की जा रही है। उनका कहना है कि सरकार के काम और संगठन की मजबूती के दम पर एक बार फिर जनता का विश्वास हासिल करने की कोशिश होगी।
बैठक में एनडीए के सहयोगी दलों के नेताओं ने भी हिस्सा लिया। सभी नेताओं ने गठबंधन की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि आने वाले चुनाव में सभी सहयोगी दल मिलकर मैदान में उतरेंगे। नेताओं का कहना था कि गठबंधन को और मजबूत करने, नए क्षेत्रों तक पहुंच बढ़ाने और बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
बीजेपी सूत्रों के अनुसार, बैठक में केवल चुनावी गणित पर नहीं, बल्कि संगठन के विस्तार और कार्यकर्ताओं से लगातार संवाद बनाए रखने पर भी चर्चा हुई। पार्टी चाहती है कि सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचे। इसके लिए अलग-अलग स्तर पर अभियान चलाने की भी योजना बनाई जा रही है।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2017 का विधानसभा चुनाव बीजेपी के लिए ऐतिहासिक माना जाता है। उस चुनाव में पार्टी ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर भारी बहुमत हासिल किया था। अब पार्टी नेतृत्व चाहता है कि 2027 में भी उसी तरह का प्रदर्शन दोहराया जाए। इसी उद्देश्य से संगठन और गठबंधन दोनों को समान रूप से मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
बैठक के दौरान यह भी माना गया कि उत्तर प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियां लगातार बदल रही हैं। ऐसे में केवल चुनाव के समय सक्रिय होने के बजाय अभी से संगठन को मजबूत करना जरूरी है। पार्टी नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच लगातार बने रहने और स्थानीय मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया।
सहयोगी दलों के नेताओं ने भी भरोसा जताया कि एनडीए सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों के आधार पर चुनाव मैदान में उतरेगा। उनका कहना था कि गठबंधन में किसी तरह का मतभेद नहीं है और सभी दल साझा लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं। नेताओं ने कहा कि सीटों के बंटवारे सहित अन्य चुनावी मुद्दों पर समय आने पर आपसी सहमति से फैसला लिया जाएगा।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य होने के कारण यहां का विधानसभा चुनाव राष्ट्रीय राजनीति पर भी बड़ा असर डालता है। इसलिए सभी राजनीतिक दल अभी से अपनी रणनीति बनाने में जुट गए हैं। बीजेपी भी संगठन को मजबूत करने और सहयोगी दलों के साथ तालमेल बढ़ाने पर विशेष ध्यान दे रही है।
लखनऊ में हुई इस बैठक को उसी तैयारी का हिस्सा माना जा रहा है। आने वाले महीनों में बीजेपी और उसके सहयोगी दल प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बैठकें, जनसंपर्क अभियान और संगठनात्मक कार्यक्रम तेज कर सकते हैं। फिलहाल पार्टी का संदेश साफ है कि एनडीए पूरी तरह एकजुट है और 2027 के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर बड़ी जीत हासिल करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है।




