विज्ञान | ABC NATIONAL NEWS | बेंगलुरु | 5 जुलाई 2026
भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान की तैयारी में एक और बड़ी सफलता मिली है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने SOLVE (सब-ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल फॉर एक्सपेरिमेंट्स) के सॉलिड मोटर का पहला ग्राउंड टेस्ट सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यह परीक्षण श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र की स्टैटिक टेस्ट फैसिलिटी में किया गया।
इसरो ने बताया कि यह परीक्षण 3 जुलाई को किया गया था और पूरी तरह सफल रहा। यह सॉलिड मोटर गगनयान मिशन के परीक्षण अभियानों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके जरिए अंतरिक्ष से लौटते समय क्रू मॉड्यूल की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाली पैराशूट प्रणाली की जांच की जाएगी।
इसरो के अनुसार, SOLVE प्लेटफॉर्म खास तौर पर गगनयान के इंटीग्रेटेड पैराशूट टेस्ट के लिए तैयार किया जा रहा है। इन परीक्षणों का उद्देश्य यह देखना है कि अलग-अलग परिस्थितियों में अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर आने वाला क्रू मॉड्यूल सुरक्षित तरीके से धीमा होकर धरती पर उतर सकता है या नहीं।
गगनयान मिशन भारत का पहला मानव अंतरिक्ष अभियान है। इस मिशन के तहत भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजा जाएगा और उन्हें सुरक्षित वापस पृथ्वी पर लाया जाएगा। इसलिए मिशन के हर हिस्से का कई चरणों में परीक्षण किया जा रहा है, ताकि किसी भी तरह की तकनीकी कमी न रह जाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि SOLVE मोटर का सफल परीक्षण गगनयान मिशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे आने वाले परीक्षण अभियानों का रास्ता और मजबूत होगा तथा भारत का पहला मानव अंतरिक्ष मिशन निर्धारित लक्ष्य की ओर एक और कदम आगे बढ़ गया है।




