राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 4 जुलाई 2026
भारत सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण (Child Sexual Abuse Material-CSAM) से जुड़े कथित विज्ञापनों के सामने आने के बाद कड़ा रुख अपनाया है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने इस पूरे मामले पर Meta के अधिकारियों को तलब करने का फैसला किया है। केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंत्रालय के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि Meta से तत्काल जवाब तलब किया जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि इस तरह की सामग्री प्लेटफॉर्म पर कैसे दिखाई दी।
BBC की रिपोर्ट के बाद हरकत में आई सरकार
सरकार की यह कार्रवाई BBC की एक रिपोर्ट के बाद हुई है। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े दो दर्जन से अधिक विज्ञापन दिखाई दिए, जिनमें कथित तौर पर टेलीग्राम चैनलों के लिंक भी शामिल थे। इन लिंक के जरिए आपत्तिजनक और अवैध सामग्री तक पहुंचने का रास्ता उपलब्ध कराया जा रहा था। रिपोर्ट सामने आने के बाद सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी।
Meta से मांगा जाएगा जवाब
सरकारी सूत्रों के अनुसार, आईटी मंत्रालय यह जानना चाहता है कि Meta के कंटेंट मॉडरेशन और सुरक्षा तंत्र के बावजूद इस तरह के विज्ञापन प्लेटफॉर्म पर कैसे प्रसारित हुए। मंत्रालय कंपनी से यह भी पूछेगा कि बच्चों की सुरक्षा के लिए लागू किए गए उसके सुरक्षा उपाय कितने प्रभावी हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए वह क्या अतिरिक्त कदम उठाएगी।
बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर बच्चों से जुड़े यौन शोषण की सामग्री का प्रसार एक गंभीर वैश्विक चुनौती बन चुका है। भारत में भी सरकार लगातार डिजिटल प्लेटफॉर्म से अपेक्षा करती रही है कि वे अवैध और आपत्तिजनक सामग्री को तुरंत हटाएं तथा कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करें। ऐसे मामलों में लापरवाही बच्चों की सुरक्षा और साइबर अपराध नियंत्रण, दोनों के लिए बड़ा खतरा मानी जाती है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म की जवाबदेही पर फिर उठे सवाल
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर सोशल मीडिया कंपनियों की जवाबदेही और उनके कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार पहले भी डिजिटल प्लेटफॉर्म को भारतीय कानूनों और आईटी नियमों का सख्ती से पालन करने की चेतावनी दे चुकी है। अब Meta के अधिकारियों के साथ होने वाली बैठक में यह स्पष्ट होगा कि कंपनी इस पूरे मामले पर क्या स्पष्टीकरण देती है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाती है।




