शिक्षा | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 29 जून 2026
CBSE की 12वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम को लेकर शुरू हुआ विवाद अब री-इवैल्यूएशन (पुनर्मूल्यांकन) के बाद एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। छात्र वेदांत श्रीवास्तव और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के बीच अब अंकों को लेकर सार्वजनिक तौर पर अलग-अलग दावे सामने आए हैं।
वेदांत श्रीवास्तव ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि री-इवैल्यूएशन के बाद उनके कुल केवल दो अंक बढ़े—एक गणित और एक कंप्यूटर साइंस में। उन्होंने कहा कि उन्होंने 11 प्रश्नों के पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया था, लेकिन परिणाम उम्मीद के मुताबिक नहीं मिला।
हालांकि, CBSE ने छात्र के दावे को “तथ्यात्मक रूप से गलत” और “स्पष्ट झूठ” बताते हुए कहा कि वेदांत के फिजिक्स विषय में भी नौ अंक बढ़े हैं। बोर्ड के अनुसार, 12वीं के री-इवैल्यूएशन के 99.7 प्रतिशत मामलों का निपटारा किया जा चुका है और बाकी आवेदन अंतिम चरण में हैं।
वेदांत का पलटवार
CBSE के बयान के बाद वेदांत ने फिर सोशल मीडिया पर जवाब देते हुए कहा कि फिजिक्स के नौ अंक री-इवैल्यूएशन से नहीं बढ़े, बल्कि वे उनके “वास्तविक अंक” थे, जो पहले उत्तर पुस्तिका की कथित अदला-बदली के कारण नहीं मिले थे। उनका कहना है कि पुनर्मूल्यांकन से केवल दो अतिरिक्त अंक मिले हैं।
पहले भी उठा था उत्तर पुस्तिका बदलने का आरोप
वेदांत इससे पहले भी चर्चा में आए थे, जब उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके रोल नंबर के साथ किसी अन्य छात्र की फिजिक्स उत्तर पुस्तिका जोड़ दी गई थी। उन्होंने कहा था कि स्कैन कॉपी मिलने पर उन्हें कथित गड़बड़ी का पता चला। इस मामले ने सोशल मीडिया पर व्यापक बहस छेड़ दी थी।
राजनीतिक रंग भी लिया मामला
वेदांत के आरोपों के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल किया गया। बाद में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी उनका समर्थन करते हुए मामले को छात्रों के साथ न्याय और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता से जोड़ा।
अब क्या है स्थिति?
फिलहाल CBSE और छात्र के दावे एक-दूसरे से अलग हैं। बोर्ड का कहना है कि फिजिक्स में नौ अंक बढ़े हैं, जबकि छात्र का दावा है कि वे री-इवैल्यूएशन के अंक नहीं, बल्कि पहले हुई कथित त्रुटि के सुधार का परिणाम हैं। इस विवाद का अंतिम निष्कर्ष आधिकारिक रिकॉर्ड और बोर्ड की विस्तृत प्रक्रिया स्पष्ट होने के बाद ही सामने आएगा।




