Home » National » केतन हत्याकांड: ‘बैठने’ का इशारा था मौत का संकेत? पुलिस का बड़ा दावा

केतन हत्याकांड: ‘बैठने’ का इशारा था मौत का संकेत? पुलिस का बड़ा दावा

राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | पुणे | 29 जून 2026

पुणे के बहुचर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में पुलिस ने एक और अहम दावा किया है। जांच अधिकारियों के अनुसार, मुख्य आरोपी सिया गोयल ने लोहागढ़ किले पर कथित तौर पर केवल अपने प्रेमी चेतन चौधरी को हमला करने का संकेत देने के लिए ही नहीं, बल्कि खुद को सुरक्षित रखने के लिए भी बैठने का नाटक किया था।

पुलिस के मुताबिक, घटना से पहले दोनों आरोपियों के बीच कथित रूप से पूरी योजना बनाई गई थी। तय हुआ था कि सिया या तो पानी पीने के बहाने या जूते के फीते बांधने के बहाने अचानक बैठ जाएगी। यही संकेत होगा कि चेतन पीछे से आकर केतन अग्रवाल को खाई की ओर धक्का दे दे। पुलिस का दावा है कि इस योजना का एक उद्देश्य यह भी था कि धक्का लगने के दौरान सिया खुद केतन की पकड़ या गिरने की चपेट में न आए।

जांच में यह भी सामने आया है कि चेतन चौधरी ने घटनास्थल तक पहुंचने के लिए कार की बजाय स्कूटर का इस्तेमाल किया। पुलिस का कहना है कि उसने जानबूझकर स्कूटर चुना ताकि टोल प्लाजा के सीसीटीवी कैमरों में वाहन की पहचान न हो सके और जांच एजेंसियों की नजर से बचा जा सके। इसे पुलिस पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा मान रही है।

इससे पहले पुलिस आरोपियों को लोहागढ़ किले पर ले जाकर घटनाक्रम का पुनर्निर्माण (Crime Scene Recreation) भी कर चुकी है। जांच एजेंसियां मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य और अन्य परिस्थितिजन्य सबूतों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।

पुलिस का आरोप है कि सिया गोयल की नवंबर में केतन अग्रवाल से शादी तय थी, लेकिन वह कथित रूप से चेतन चौधरी के साथ संबंध में थी और यह विवाह नहीं करना चाहती थी। इसी कारण दोनों ने मिलकर हत्या की साजिश रची। हालांकि, यह पुलिस का जांच संबंधी दावा है। इन आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालय में साक्ष्यों और सुनवाई के बाद ही होगी।

फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और मामले की जांच जारी है। पूरे देश की निगाहें अब इस बहुचर्चित मामले की न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हैं।

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted