अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | दोहा/वॉशिंगटन | 29 जून 2026
होर्मुज़ संकट पर बातचीत को तैयार दोनों देश, युद्धविराम के बावजूद तनाव बरकरार
पश्चिम एशिया में कई दिनों से जारी सैन्य तनाव के बीच बड़ी कूटनीतिक पहल सामने आई है। अमेरिका और ईरान ने फिलहाल एक-दूसरे पर हमले रोकने पर सहमति जताई है। दोनों देशों के प्रतिनिधि 30 जून को कतर की राजधानी दोहा में आमने-सामने बैठकर होर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर जारी विवाद और क्षेत्रीय तनाव पर बातचीत करेंगे।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार दोनों पक्षों ने फिलहाल सैन्य कार्रवाई रोकने का फैसला किया है ताकि वार्ता के लिए अनुकूल माहौल बनाया जा सके। साथ ही यह भी संकेत दिए गए हैं कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य से व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
हालांकि युद्धविराम की इस कोशिश के बावजूद हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हैं। हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच मिसाइल, ड्रोन और सैन्य हमलों का सिलसिला जारी रहा है। वहीं ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि उसकी निर्धारित समुद्री मार्ग व्यवस्था को नजरअंदाज किया गया तो क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है।
उधर इज़राइल ने दक्षिणी लेबनान में हिज़्बुल्लाह के ठिकानों पर कार्रवाई जारी रखी है। इज़राइली सेना का दावा है कि उसने संगठन के भूमिगत सैन्य ढांचे को निशाना बनाया है। इससे संकेत मिलते हैं कि पश्चिम एशिया में कई मोर्चों पर अस्थिरता अब भी बनी हुई है।
तनाव का असर वैश्विक बाजारों पर भी दिखाई दिया। कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि निवेशकों की नजर अब दोहा वार्ता पर टिकी है। माना जा रहा है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच कोई ठोस सहमति बनती है तो होर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही सामान्य हो सकती है और वैश्विक ऊर्जा बाजार को राहत मिल सकती है।
कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि दोहा की यह बैठक केवल अमेरिका और ईरान के रिश्तों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे पश्चिम एशिया की स्थिरता और वैश्विक व्यापार के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। अब दुनिया की निगाहें 30 जून को होने वाली इस निर्णायक वार्ता पर टिकी हैं।




