राजनीति | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 28 जून 2026
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन के मामले को लेकर विपक्ष का केंद्र सरकार पर हमला लगातार तेज होता जा रहा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से चुप्पी तोड़ने की अपील की है। उनका कहना है कि जिस मंदिर के निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा से प्रधानमंत्री स्वयं जुड़े रहे, उस मंदिर में सामने आए कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले पर उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि उन्होंने स्वयं राम मंदिर निर्माण के लिए चेक के माध्यम से 1 लाख 11 हजार रुपये का दान दिया था। उन्होंने दावा किया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रतिनिधियों की नियुक्ति स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर हुई थी। ऐसे में, जब चढ़ावे के कथित गबन का मामला सामने आया है, तो प्रधानमंत्री को इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि इस मामले में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं हुईं, लेकिन शुरुआती दौर में एफआईआर दर्ज नहीं की गई। उन्होंने कहा कि अब जबकि एफआईआर दर्ज हो चुकी है और गिरफ्तारियां भी हुई हैं, पुलिस को आरोपियों की गहन पूछताछ के लिए रिमांड मांगना चाहिए था, ताकि पूरे मामले की तह तक पहुंचा जा सके और यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका हो तो उसे भी सामने लाया जा सके।
राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर कांग्रेस लगातार केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जवाब मांग रही है। विपक्ष का कहना है कि यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है, इसलिए इसकी निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यापक जांच होनी चाहिए। कांग्रेस का आरोप है कि जांच केवल निचले स्तर तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि यदि जांच में किसी उच्च स्तर की भूमिका सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए।
दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश पुलिस और जांच एजेंसियों का कहना है कि कार्रवाई एसआईटी की प्रारंभिक जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की गई है। पुलिस इस मामले में नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
राम मंदिर चढ़ावा गबन का मामला अब केवल आपराधिक जांच तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। विपक्ष लगातार सरकार से जवाब मांग रहा है, जबकि सरकार और जांच एजेंसियां कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच आगे बढ़ाने की बात कह रही हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मामले की जांच और उससे जुड़ी राजनीतिक प्रतिक्रिया पर पूरे देश की नजर रहेगी।




