राजनीति | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 27 जून 2026
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला लगातार गहराता जा रहा है। एसआईटी की जांच, एफआईआर और आठ आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब कांग्रेस ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब मांगा है। इसी बीच मीडिया में सामने आई एसआईटी रिपोर्ट के अनुसार, 43 दिनों की सीसीटीवी फुटेज में चढ़ावा चोरी के लगभग 70 प्रयास दर्ज होने और करीब ₹79.85 लाख की बरामदगी का दावा किया गया है। इन खुलासों के बाद विपक्ष का हमला और तेज हो गया है।
कर्नाटक सरकार में मंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पुत्र प्रियंक खरगे ने बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत करते हुए पूछा, “राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले पर प्रधानमंत्री अपनी ‘मन की बात’ कब करेंगे?” उन्होंने कहा कि राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा और उद्घाटन के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं सबसे आगे थे और इसका व्यापक प्रचार भी हुआ था। लेकिन अब जब चढ़ावे में गड़बड़ी के मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है, एसआईटी जांच के बाद गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और जांच में गंभीर अनियमितताओं के दावे सामने आ रहे हैं, तब प्रधानमंत्री की ओर से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
प्रियंक खरगे ने आरोप लगाया कि जब किसी उपलब्धि का राजनीतिक श्रेय लिया जाता है, तब जवाबदेही से भी पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में केवल कुछ कर्मचारियों की गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है। उनके अनुसार, पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यापक जांच होनी चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह गड़बड़ी केवल कुछ व्यक्तियों तक सीमित थी या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क भी था।
राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी समेत कई विपक्षी दल केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जवाब मांग रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि यदि एसआईटी जांच में बार-बार चोरी के प्रयास और वित्तीय गड़बड़ियां सामने आई हैं, तो पूरी व्यवस्था की जवाबदेही तय होनी चाहिए और जांच केवल निचले स्तर तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।
दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश सरकार और जांच एजेंसियों का कहना है कि कार्रवाई एसआईटी की प्रारंभिक जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की गई है। पुलिस एफआईआर में नामजद आठों आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और मामले की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
चढ़ावा चोरी का यह मामला अब केवल आपराधिक जांच का विषय नहीं रह गया है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा राजनीतिक और जनविश्वास का मुद्दा बन चुका है। आने वाले दिनों में एसआईटी की विस्तृत जांच, संभावित आगे की गिरफ्तारियों और केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया पर पूरे देश की नजर रहेगी।




