राजनीति | ABC NATIONAL NEWS | पटना | 27 जून 2026
बिहार के चर्चित भरत तिवारी कथित एनकाउंटर मामले में पीड़ित परिवार ने राज्य सरकार की न्यायिक जांच पर भी अविश्वास जताया है। भरत तिवारी की मां आशा देवी ने कहा है कि उन्हें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर से घोषित न्यायिक जांच पर भरोसा नहीं है। उन्होंने मामले की CBI जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो वे पटना हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगी।
आशा देवी ने कहा कि उनका बेटा निर्दोष था और उसकी मौत की निष्पक्ष जांच तभी संभव है जब यह मामला किसी स्वतंत्र एजेंसी को सौंपा जाए। उनका कहना है कि जिस घटना में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं, उसी राज्य की एजेंसियों से निष्पक्ष जांच की उम्मीद करना कठिन है।
इससे पहले बिहार सरकार ने बढ़ते राजनीतिक दबाव और जनाक्रोश के बीच मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए थे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा था कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और जांच एक सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाएगी।
हालांकि, भरत तिवारी के परिवार का कहना है कि उन्हें इस व्यवस्था पर भरोसा नहीं है। परिवार का आरोप है कि अब तक संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है और केवल प्राथमिकी दर्ज कर देने से न्याय नहीं मिलेगा। उनका कहना है कि न्यायपालिका ही उनकी अंतिम उम्मीद है।
भरत तिवारी की मौत को लेकर बिहार की राजनीति लगातार गर्म है। विपक्ष लगातार इसे कथित फर्जी एनकाउंटर बताते हुए CBI जांच की मांग कर रहा है। वहीं सत्तापक्ष का कहना है कि न्यायिक जांच के माध्यम से पूरे मामले की निष्पक्ष पड़ताल होगी और यदि किसी की जिम्मेदारी सामने आती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि भोजपुर जिले में पुलिस कार्रवाई के दौरान भरत तिवारी की मौत के बाद राज्यभर में विरोध प्रदर्शन हुए थे। मामले में पुलिस अधिकारियों के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी भी दर्ज की जा चुकी है। इस बीच परिवार की ओर से हाईकोर्ट जाने और CBI जांच की मांग ने इस मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।




