अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | दोहा/नई दिल्ली | 22 जून 2026
खाड़ी देश कतर के रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी में हुए भीषण औद्योगिक विस्फोट ने भारत सहित पूरी दुनिया को झकझोर दिया है। सोमवार को कतर और भारतीय अधिकारियों ने पुष्टि की कि इस हादसे में कुल 13 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 12 भारतीय नागरिक शामिल हैं। यह घटना कतर के सबसे बड़े औद्योगिक और ऊर्जा केंद्रों में से एक रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी में स्थित एक फैक्ट्री में हुई, जहां देर रात अचानक हुए विस्फोट के बाद आग लग गई।
भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि कतर सरकार ने 12 भारतीय नागरिकों की मृत्यु की आधिकारिक पुष्टि की है। दूतावास ने मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय अधिकारियों की टीम लगातार स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
देर रात हुआ विस्फोट, मची अफरा-तफरी
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी स्थित एक औद्योगिक इकाई में तकनीकी खराबी के बाद जोरदार विस्फोट हुआ। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास के कई किलोमीटर क्षेत्र में इसकी आवाज सुनी गई और कई इमारतों के शीशे तक हिल गए। विस्फोट के बाद फैक्ट्री परिसर में आग फैल गई, जिससे वहां मौजूद कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई।
स्थानीय आपदा प्रबंधन और अग्निशमन दल ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी थी।
भारतीय समुदाय में शोक की लहर
मृतकों में 12 भारतीय नागरिकों के शामिल होने से भारत और विशेष रूप से खाड़ी देशों में काम कर रहे भारतीय समुदाय में शोक की लहर फैल गई है। अधिकांश भारतीय कर्मचारी ऊर्जा, पेट्रोकेमिकल और औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत थे।
भारतीय दूतावास ने मृतकों के परिजनों और घायलों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।
हेल्पलाइन नंबर:
+974-55647502
+974-55384683
ईमेल: cons.doha@mea.gov.in
दूतावास ने परिजनों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।
घटना की जांच शुरू
कतर की सरकारी ऊर्जा कंपनी और स्थानीय प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक रिपोर्ट में इसे “तकनीकी घटना” बताया गया है, हालांकि विस्फोट के वास्तविक कारणों का अभी खुलासा नहीं किया गया है। विशेषज्ञों की टीम फैक्ट्री के सुरक्षा मानकों, उपकरणों की स्थिति और संभावित तकनीकी खामियों की जांच कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि विस्फोट दुर्घटनावश हुआ या इसके पीछे कोई अन्य कारण था।
भारत सरकार की नजर
नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने भी घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मंत्रालय ने कहा कि कतर स्थित भारतीय मिशन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और मृतकों के पार्थिव शरीर को भारत भेजने सहित सभी आवश्यक प्रक्रियाओं में सहायता प्रदान की जा रही है।
विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है और संबंधित राज्यों की सरकारों को भी सूचना भेजी जा रही है ताकि परिवारों तक आधिकारिक जानकारी पहुंचाई जा सके।
रास लाफान: कतर की ऊर्जा राजधानी
रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी दुनिया के सबसे बड़े गैस और पेट्रोकेमिकल औद्योगिक केंद्रों में गिनी जाती है। यहां कतर की एलएनजी (LNG) और ऊर्जा परियोजनाओं का बड़ा हिस्सा संचालित होता है। हजारों विदेशी कर्मचारी, जिनमें बड़ी संख्या भारतीयों की भी है, इस क्षेत्र में कार्यरत हैं।
ऐसे में यह हादसा न केवल मानवीय त्रासदी है, बल्कि औद्योगिक सुरक्षा मानकों को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
12 भारतीय परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
रास लाफान का यह विस्फोट उन दर्जनों परिवारों के लिए कभी न भरने वाला घाव छोड़ गया है, जिन्होंने अपने प्रियजनों को बेहतर भविष्य की उम्मीद में खाड़ी देशों में काम करने भेजा था। अब पूरे देश की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो बताएगी कि आखिर यह भीषण हादसा कैसे हुआ और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।




