राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | चेन्नई/तिरुवल्लूर | 22 जून 2026
तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में स्थित एक समुद्री खाद्य प्रसंस्करण (सी-फूड प्रोसेसिंग) इकाई में रविवार को अमोनिया गैस रिसाव की दर्दनाक घटना में दो महिला मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 60 से अधिक कर्मचारी गंभीर रूप से प्रभावित होकर विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराए गए हैं। घटना के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री मालिक और प्रबंधक को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, पेरियापालयम क्षेत्र में स्थित पीटर एंड पॉल सी-फूड एक्सपोर्ट कंपनी में अचानक अमोनिया गैस का रिसाव हो गया। रिसाव के समय बड़ी संख्या में कर्मचारी फैक्ट्री परिसर में काम कर रहे थे। जहरीली गैस फैलते ही कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग बेहोश होकर गिर पड़े।
इस हादसे में ओडिशा की रहने वाली दो महिला प्रवासी श्रमिकों—जुमानी जुआंग और बी. मलोथी—की मौत हो गई। वहीं 60 से अधिक कर्मचारियों को सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के कारण अस्पतालों में भर्ती कराया गया। इनमें से 23 कर्मचारियों की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें आईसीयू में रखा गया है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग, जिला प्रशासन और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीम मौके पर पहुंची। विशेष सुरक्षा उपकरणों से लैस राहत एवं बचाव दल ने फैक्ट्री परिसर का निरीक्षण किया और प्रभावित कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ पहले भी औद्योगिक सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के मामले दर्ज हैं। पुलिस ने कंपनी के मालिक और फैक्ट्री मैनेजर को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के खिलाफ पहले से लंबित सुरक्षा उल्लंघन संबंधी मामले भी जांच के दायरे में हैं।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने मामले की विस्तृत जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित करने के निर्देश भी दिए हैं।
राज्य सरकार ने समिति को यह पता लगाने की जिम्मेदारी सौंपी है कि गैस रिसाव कैसे हुआ, सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं किया गया और हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जानी चाहिए।
इस बीच, विभिन्न राजनीतिक दलों और श्रमिक संगठनों ने घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने की मांग की है। उनका कहना है कि बार-बार होने वाली ऐसी घटनाएं श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार अमोनिया गैस अत्यधिक जहरीली होती है और इसके रिसाव से सांस संबंधी गंभीर समस्याएं, आंखों में जलन और कई मामलों में मृत्यु तक हो सकती है। इसलिए ऐसे रसायनों का उपयोग करने वाले उद्योगों में सुरक्षा प्रबंधन की विशेष व्यवस्था आवश्यक होती है।
फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है और अस्पतालों में भर्ती कर्मचारियों के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जा रही है। घटना ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था और श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है।




