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पाकिस्तान के राष्ट्रपति की टिप्पणी पर भारत का करारा जवाब, कहा- अल्पसंख्यकों पर बोलने का कोई अधिकार नहीं

राष्ट्रीय/विदेश | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 21 जून 2026

भारत ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी द्वारा भारत में अल्पसंख्यकों और धार्मिक स्थलों को लेकर की गई टिप्पणी को सिरे से खारिज करते हुए इसे देश के आंतरिक मामलों में अनावश्यक हस्तक्षेप बताया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मुद्दों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बयान जारी कर कहा कि पाकिस्तान के राष्ट्रपति की टिप्पणियां पूरी तरह निराधार और हास्यास्पद हैं, खासकर तब जब स्वयं पाकिस्तान का मानवाधिकार रिकॉर्ड दुनिया भर में आलोचना का विषय बना हुआ है। उन्होंने कहा कि विभिन्न धर्मों के अल्पसंख्यकों के साथ व्यवस्थित भेदभाव और उत्पीड़न का पाकिस्तान का इतिहास जगजाहिर है।

विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति जरदारी की टिप्पणी एक सोचा-समझा राजनीतिक हमला है, जो पाकिस्तान की कट्टरता और नफरत की नीति से प्रेरित है।

दरअसल, पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने वाराणसी स्थित गंज शहीदा मस्जिद को खाली करने संबंधी रेलवे के नोटिस पर चिंता जताई थी। उन्होंने भारत से कथित रूप से मुस्लिम धार्मिक स्थलों के खिलाफ कार्रवाई रोकने और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करने की अपील की थी।

गौरतलब है कि भारतीय रेलवे ने काशी रेलवे स्टेशन पुनर्विकास परियोजना के तहत रेलवे भूमि पर अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की है। इसी क्रम में गंज शहीदा मस्जिद परिसर को खाली करने का नोटिस जारी किया गया था। इससे पहले जून माह में स्टेशन परिसर स्थित एक मजार और मस्जिद को अदालत के आदेश के बाद हटाया गया था।

भारत ने स्पष्ट किया है कि यह मामला पूरी तरह कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है तथा इसे धार्मिक या सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास स्वीकार्य नहीं है।

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