राजनीति | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 16 जून 2026
कांग्रेस नेता डॉ. उदित राज ने ईरान और अमेरिका के बीच हुए शांति समझौते को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में उदित राज ने दावा किया कि इस समझौते की घोषणा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से पहले कर दी, जिससे अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है।
उदित राज ने कहा कि भारत खुद को वैश्विक शक्ति और विश्वगुरु के रूप में प्रस्तुत करता है, लेकिन पश्चिम एशिया के इतने बड़े घटनाक्रम में भारत पूरी तरह हाशिए पर दिखाई दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान न केवल मध्यस्थता की प्रक्रिया में सक्रिय रहा, बल्कि समझौते की जानकारी भी दुनिया को सबसे पहले उसी ने दी। कांग्रेस नेता के अनुसार यह भारत की कूटनीतिक स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
अपने सोशल मीडिया पोस्ट में उदित राज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लगातार विदेशी यात्राओं के बावजूद भारत को इस महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटनाक्रम में कोई प्रमुख भूमिका नहीं मिली। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने समझौते की घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से पहले कर दी, जबकि भारत केवल दर्शक बना रहा।
हालांकि केंद्र सरकार या विदेश मंत्रालय की ओर से उदित राज के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। विदेश नीति के जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय समझौतों में कई देशों की भूमिकाएं सार्वजनिक और गोपनीय दोनों स्तरों पर होती हैं, इसलिए केवल सोशल मीडिया पोस्टों के आधार पर किसी देश की वास्तविक भूमिका का अंतिम आकलन करना जल्दबाजी होगी।
गौरतलब है कि ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम तथा शांति समझौते की खबर सामने आने के बाद कई देशों ने इसका स्वागत किया है। भारत ने भी क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समुद्री व्यापार की सुरक्षा को महत्वपूर्ण बताते हुए समझौते का समर्थन किया है। वहीं विपक्ष इस पूरे घटनाक्रम को भारत की विदेश नीति और कूटनीतिक प्रभाव के संदर्भ में सरकार को घेरने का अवसर बना रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम एशिया में हुए इस बड़े घटनाक्रम को लेकर आने वाले दिनों में भारत की भूमिका, पाकिस्तान के दावों और क्षेत्रीय कूटनीति पर बहस और तेज हो सकती है। फिलहाल उदित राज के बयान ने इस मुद्दे को भारतीय राजनीति के केंद्र में ला दिया है।







