[the_ad id="179"]
Home » National » कॉम्प्रोमाइज्ड PM के राज में भारतीय होना दुर्गति! — राहुल गांधी

कॉम्प्रोमाइज्ड PM के राज में भारतीय होना दुर्गति! — राहुल गांधी

राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 14 जून 2026

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने एक बार फिर प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। ओमान तट के पास अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में भारतीय नाविकों की मौत और फंसे भारतीय समुद्री कर्मचारियों के मुद्दे को लेकर राहुल गांधी ने सरकार की विदेश नीति और नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो और तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “Compromised PM के राज में एक भारतीय होने का मतलब दुर्गति है। विदेशी ताकत हमारे नागरिकों को मारती है। हमारी सरकार एक आज्ञाकारी नौकर की तरह चुपचाप आदेश मान लेती है और हमारे नागरिक सड़ने के लिए छोड़ दिए जाते हैं। इस भारतीय को घर लाइए। अभी।”

राहुल गांधी की यह टिप्पणी उस वायरल वीडियो के बाद आई है जिसमें ओमान के पास लंगर डाले एक जहाज के भारतीय कप्तान ने दावा किया कि उनके एक साथी अधिकारी की मौत दो दिन पहले हो चुकी है और शव जहाज पर ही पड़ा हुआ है। कप्तान ने आरोप लगाया कि भारतीय दूतावास से संपर्क करने के बावजूद कोई सकारात्मक मदद नहीं मिली, जबकि कंपनी भी कर्मचारियों से दूरी बना रही है। इस वीडियो के सामने आने के बाद विपक्ष ने केंद्र सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।

कांग्रेस का आरोप है कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में भारतीय नागरिकों की मौत के बावजूद मोदी सरकार पर्याप्त कठोर रुख अपनाने में विफल रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि जब भारतीय नागरिकों की जान और सम्मान का सवाल हो, तब सरकार को दुनिया के किसी भी देश के सामने मजबूती से खड़ा होना चाहिए। राहुल गांधी ने सीधे प्रधानमंत्री मोदी को निशाने पर लेते हुए संकेत दिया कि सरकार विदेशी दबावों के सामने झुक रही है और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में असफल साबित हो रही है।

इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस और विपक्ष लगातार सरकार से जवाब मांग रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि यदि विदेशों में फंसे भारतीय नागरिक मदद की गुहार लगा रहे हैं और मृतकों के शव तक सम्मानपूर्वक स्वदेश नहीं लाए जा रहे हैं, तो यह देश की कूटनीतिक और मानवीय विफलता का गंभीर मामला है।

हालांकि केंद्र सरकार की ओर से अब तक यह कहा गया है कि विदेश मंत्रालय हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और संबंधित देशों के संपर्क में है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर पहले ही अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के सामने भारतीय नागरिकों की मौत पर कड़ा विरोध दर्ज करा चुके हैं। इसके बावजूद विपक्ष का आरोप है कि केवल औपचारिक विरोध पर्याप्त नहीं है और सरकार को भारतीय नागरिकों की सुरक्षा तथा सम्मानजनक वापसी सुनिश्चित करने के लिए निर्णायक कदम उठाने चाहिए।

राहुल गांधी के इस हमले के बाद एक बार फिर मोदी सरकार की विदेश नीति, अमेरिका के साथ संबंधों और विदेशों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा का मुद्दा राष्ट्रीय राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *