शिक्षा / राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 22 मई 2026
NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को बड़ी सफलता मिली है। एजेंसी ने पुणे से एक अहम आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिस पर NEET-UG 2026 परीक्षा के फिजिक्स प्रश्नपत्र को लीक करने का आरोप है। इस गिरफ्तारी के बाद देशभर में चर्चा में रहे मेडिकल प्रवेश परीक्षा घोटाले की जांच और तेज हो गई है। CBI के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान मनीषा संजय हवालदार के रूप में हुई है, जो पुणे के सेठ हीरालाल सराफ प्रशाला स्कूल में कार्यरत थी। जांच एजेंसी का आरोप है कि मनीषा ने परीक्षा से पहले फिजिक्स के प्रश्नों को अवैध तरीके से बाहर पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
CBI अधिकारियों के मुताबिक, लंबे समय से आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। डिजिटल साक्ष्य, कॉल रिकॉर्ड, संदिग्ध संपर्कों और अन्य तकनीकी जानकारियों के आधार पर एजेंसी ने उसे हिरासत में लिया। पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
NEET-UG 2026 पेपर लीक मामला सामने आने के बाद देशभर में छात्रों और अभिभावकों में भारी आक्रोश देखने को मिला था। कई छात्र संगठनों ने परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठाए और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के खिलाफ प्रदर्शन किए। छात्रों का कहना था कि वर्षों की मेहनत पर पेपर लीक माफिया ने पानी फेर दिया।
इस मामले में पहले भी कई राज्यों से गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह केवल एक राज्य तक सीमित नेटवर्क नहीं, बल्कि कई राज्यों में फैला संगठित गिरोह हो सकता है। CBI अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि प्रश्नपत्र लीक का नेटवर्क किन-किन लोगों तक फैला हुआ था और इसमें कौन-कौन शामिल थे।
सूत्रों के मुताबिक, जांच में यह भी सामने आया है कि परीक्षा से पहले कुछ चुनिंदा छात्रों तक प्रश्नपत्र पहुंचाने के लिए मोटी रकम ली गई थी। एजेंसी अब आर्थिक लेन-देन और बैंक खातों की भी जांच कर रही है। कई संदिग्धों के मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
पेपर लीक मामले ने देश की परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि मेडिकल जैसी महत्वपूर्ण राष्ट्रीय परीक्षा में गड़बड़ी छात्रों के भविष्य के साथ बड़ा खिलवाड़ है। उनका मानना है कि परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह तकनीकी रूप से सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की जरूरत है।
इस बीच कई छात्र संगठनों और विपक्षी दलों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। कुछ राज्यों में छात्रों ने दोबारा परीक्षा कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन भी किए।
CBI का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि क्या प्रश्नपत्र लीक का संबंध किसी बड़े शिक्षा माफिया या कोचिंग नेटवर्क से जुड़ा हुआ है।
वहीं केंद्र सरकार और NTA की ओर से कहा गया है कि परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाने के लिए नए सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे। अधिकारियों का दावा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
NEET-UG देश की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। हर साल लाखों छात्र डॉक्टर बनने के सपने के साथ यह परीक्षा देते हैं। ऐसे में पेपर लीक जैसे मामलों ने छात्रों के भरोसे को गहरा झटका दिया है। अब सभी की नजर CBI जांच पर टिकी है कि इस पूरे नेटवर्क का कितना बड़ा खुलासा होता है।




