अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 17 मई 2026
अक्टूबर 7 हमले का “मास्टरमाइंड” बताया गया कमांडर, हमास ने भी मौत की पुष्टि की
इज़रायल और हमास के बीच जारी संघर्ष के बीच इज़रायल ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि गाजा में किए गए एयरस्ट्राइक में हमास की सैन्य शाखा के प्रमुख इज़्ज़ अल-दीन अल-हद्दाद मारे गए हैं। इज़रायली सेना (IDF) के अनुसार अल-हद्दाद उन प्रमुख कमांडरों में शामिल थे जिन्होंने 7 अक्टूबर 2023 को इज़रायल पर हुए हमले की योजना बनाई थी। बाद में हमास के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी उनकी मौत की पुष्टि कर दी। रिपोर्ट्स के मुताबिक गाजा सिटी के एक रिहायशी इलाके में इज़रायल ने एयरस्ट्राइक की। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एक इमारत को एक साथ कई मिसाइलों से निशाना बनाया गया, जिसके बाद वहां से निकल रही एक कार पर भी हमला किया गया। इस हमले में कई लोगों के मारे जाने की खबर है।
इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री ने कहा कि अल-हद्दाद हमास की सैन्य रणनीति का अहम चेहरा था और उसने इज़रायली नागरिकों और सैनिकों पर हुए हमलों में केंद्रीय भूमिका निभाई थी। इज़रायल ने उसे हमास के “आखिरी बड़े सैन्य कमांडरों” में से एक बताया, जो अब तक बचा हुआ था।
इज़्ज़ अल-दीन अल-हद्दाद को हमास के भीतर बेहद प्रभावशाली और रहस्यमयी कमांडर माना जाता था। वह “घोस्ट ऑफ अल-कसम” के नाम से भी जाना जाता था क्योंकि वह सार्वजनिक रूप से बहुत कम दिखाई देता था। इज़रायल लंबे समय से उसे अपनी “मोस्ट वांटेड” सूची में शामिल किए हुए था और उस पर कई बार हमले भी किए जा चुके थे।
बताया जा रहा है कि मोहम्मद सिनवार की मौत के बाद अल-हद्दाद ने हमास की सैन्य शाखा की कमान संभाली थी। इज़रायली एजेंसियों का आरोप था कि वह हमास की सैन्य क्षमताओं को फिर से मजबूत करने और नए हमलों की योजना बनाने में जुटा हुआ था।
इस घटना के बाद गाजा में तनाव और बढ़ गया है। हालांकि अमेरिका समर्थित संघर्षविराम लागू है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच लगातार हमले और जवाबी कार्रवाई जारी है। हमास ने इज़रायल पर संघर्षविराम उल्लंघन का आरोप लगाया है, जबकि इज़रायल का कहना है कि हमास अब भी अपने हथियार नहीं छोड़ रहा और सैन्य गतिविधियां जारी रखे हुए है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अल-हद्दाद की मौत हमास के लिए बड़ा झटका हो सकती है, लेकिन इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका भी है। मध्य पूर्व में पहले से ही अस्थिर हालात के बीच यह घटना इज़रायल-हमास संघर्ष को और अधिक जटिल बना सकती है।




