राजनीति | प्रणव प्रियदर्शी | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 9 मई 2026
पश्चिम बंगाल में पहली बार बीजेपी सरकार बनने और शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा करते हुए लिखा — “वो साल दूसरा था, ये साल दूसरा है…”। इस वीडियो में दो अलग-अलग दौर की राजनीतिक तस्वीरों को दिखाकर बीजेपी पर “राजनीतिक अवसरवाद” का आरोप लगाया गया।
वीडियो के एक हिस्से में कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह दिखाई देता है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुभेंदु अधिकारी की पीठ थपथपाते और उन्हें बधाई देते नजर आते हैं। वहीं दूसरे हिस्से में 2016 का पुराना चुनावी वीडियो दिखाया गया, जिसमें पीएम मोदी सार्वजनिक मंच से शुभेंदु अधिकारी और तृणमूल कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते दिखाई दे रहे थे।
दरअसल, शुभेंदु अधिकारी जब तृणमूल कांग्रेस में थे, उस दौरान उनका नाम नारदा स्टिंग ऑपरेशन विवाद में सामने आया था। 2016 में जारी एक वीडियो में कई तृणमूल नेताओं के साथ शुभेंदु अधिकारी भी कैमरे पर कथित रूप से रिश्वत लेते हुए दिखाई दिए थे। उस समय बीजेपी ने इसे बंगाल में भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा सबूत बताते हुए जोरदार राजनीतिक अभियान चलाया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और बीजेपी के कई वरिष्ठ नेताओं ने चुनावी सभाओं में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था।
इसके बाद केंद्रीय एजेंसियों ED और CBI ने मामले की जांच शुरू की थी। विपक्षी दलों का आरोप था कि बीजेपी इस मामले को बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ बड़ा हथियार बनाकर इस्तेमाल कर रही है। उस समय बीजेपी नेताओं ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि भ्रष्टाचार में शामिल लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
लेकिन बंगाल की राजनीति में बड़ा मोड़ तब आया जब शुभेंदु अधिकारी ने 2020 में तृणमूल कांग्रेस छोड़कर बीजेपी जॉइन कर ली। बीजेपी में शामिल होने के बाद वह तेजी से पार्टी के सबसे बड़े बंगाली चेहरों में शामिल हो गए। 2021 विधानसभा चुनाव में उन्होंने भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी को हराकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी राजनीतिक पहचान और मजबूत कर ली। इसके बाद बीजेपी ने उन्हें बंगाल में पार्टी का सबसे आक्रामक और प्रभावशाली नेता बनाकर आगे बढ़ाया।
कांग्रेस और विपक्षी दल लगातार आरोप लगाते रहे हैं कि बीजेपी में शामिल होने के बाद शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ चल रहे कई मामलों की धार कमजोर पड़ गई। विपक्ष ने इसे “बीजेपी की वॉशिंग मशीन” बताया, जिसमें शामिल होते ही नेता “पाक-साफ” हो जाते हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जिन लोगों को कभी बीजेपी भ्रष्टाचार का प्रतीक बताती थी, वही लोग आज पार्टी के सबसे अहम चेहरों में शामिल हैं।
कांग्रेस ने अपने पोस्ट में इसी राजनीतिक विरोधाभास को उजागर करने की कोशिश की। पार्टी का कहना है कि राजनीति में सिद्धांतों की जगह सत्ता सबसे बड़ा लक्ष्य बन चुकी है। कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया कि अगर शुभेंदु अधिकारी पर लगे आरोप इतने गंभीर थे कि उनके खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों की जांच बैठाई गई, तो बीजेपी में शामिल होने के बाद अचानक वही नेता स्वीकार्य कैसे हो गए।
हालांकि बीजेपी ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि विपक्ष जनता के जनादेश को स्वीकार नहीं कर पा रहा है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि शुभेंदु अधिकारी ने बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के “कुशासन” के खिलाफ संघर्ष किया और जनता ने उन्हें भारी समर्थन देकर मुख्यमंत्री बनाया है। पार्टी का दावा है कि बंगाल में बीजेपी की जीत विकास, कानून व्यवस्था और “सोनार बांग्ला” के विजन की जीत है।
गौरतलब है कि शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के पहले बीजेपी मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, कई केंद्रीय मंत्री और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहे। बीजेपी ने विधानसभा चुनाव में 294 में से 207 सीटें जीतकर राज्य में तृणमूल कांग्रेस के 15 साल पुराने शासन का अंत किया है।




