तेहरान/हॉर्मुज | ABC NATIONAL NEWS | 9 मई 2026
मध्य-पूर्व में तनाव एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। ईरान की राजधानी तेहरान में जोरदार धमाकों की खबरों के बीच इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में मौजूद तीन अमेरिकी युद्धपोतों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं।
ईरानी मीडिया के अनुसार तेहरान, बंदर अब्बास और क़ेश्म द्वीप के कई इलाकों में विस्फोट सुने गए। एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए हैं और पूरे देश में हाई अलर्ट जैसी स्थिति बन गई है। ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने खाड़ी क्षेत्र में उसके दो जहाजों, जिनमें एक तेल टैंकर भी शामिल था, को निशाना बनाया। इसके जवाब में IRGC ने अमेरिकी नौसेना के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की।
ईरानी सैन्य सूत्रों का दावा है कि हॉर्मुज के पास अमेरिकी युद्धपोतों पर एंटी-शिप बैलिस्टिक मिसाइलें, क्रूज मिसाइलें और “सुसाइड ड्रोन” दागे गए। कुछ रिपोर्टों में अमेरिकी जहाजों को नुकसान पहुंचने की भी बात कही जा रही है, हालांकि अमेरिका की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने “प्रोजेक्ट फ्रीडम” नाम के एक बड़े ऑपरेशन को अस्थायी रूप से रोकने का फैसला किया है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि कुछ सहयोगी देशों और जारी कूटनीतिक प्रयासों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। हालांकि अमेरिका ने साफ किया है कि हॉर्मुज में उसकी सैन्य और नौसैनिक मौजूदगी जारी रहेगी।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। यहां तनाव बढ़ने से वैश्विक तेल बाजार, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर बड़ा असर पड़ सकता है। कई देशों ने अपने जहाजों और नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी कर दी है।
ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उस पर और हमले हुए तो जवाब और भी “कड़ा और व्यापक” होगा। वहीं अमेरिका ने अपने युद्धपोतों और सैन्य ठिकानों की सुरक्षा बढ़ा दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात जल्द नहीं संभले तो यह संघर्ष पूरे खाड़ी क्षेत्र को बड़े युद्ध की तरफ धकेल सकता है। दुनिया की नजर अब वॉशिंगटन, तेहरान और हॉर्मुज पर टिकी हुई है।




