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तमिलनाडु में ‘विजय सरकार’ के बेहद करीब TVK, लेफ्ट पार्टियों का समर्थन; राज्यपाल पर बढ़ा दबाव

राजनीति | ABC NATIONAL NEWS | चेन्नई | 8 मई 2026

तमिलनाडु की राजनीति में इस वक्त जबरदस्त हलचल मची हुई है। अभिनेता से नेता बने सी. जोसेफ विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) अब सरकार गठन के बेहद करीब पहुंच गई है। कांग्रेस के समर्थन के बाद अब CPI और CPI(M) ने भी विजय को बिना शर्त समर्थन देने का ऐलान कर दिया है। इसके साथ ही TVK के समर्थन में विधायकों की संख्या 117 तक पहुंच गई है और अब पार्टी सिर्फ एक विधायक के समर्थन से बहुमत के आंकड़े को छू सकती है।

इसी बीच विजय ने लगातार तीसरे दिन तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात की। चेन्नई स्थित लोक भवन में हुई इस मुलाकात के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएं और तेज हो गई हैं। TVK समर्थकों का कहना है कि सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते विजय को सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए और बहुमत साबित करने का अवसर विधानसभा के फ्लोर पर दिया जाना चाहिए।

वामपंथी दलों CPI और CPI(M) ने साफ कहा है कि वे TVK सरकार में शामिल नहीं होंगे, लेकिन बाहर से समर्थन देंगे। दोनों दलों ने कहा कि उनका उद्देश्य “स्थिर, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक सरकार” को समर्थन देना है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा और सांप्रदायिक राजनीति के खिलाफ उनका संघर्ष DMK के साथ जारी रहेगा।

अब सबकी नजर विदुथलाई चिरुथिगल काची (VCK) पर टिकी हुई है। सूत्रों के मुताबिक VCK भी विजय को समर्थन दे सकती है। अगर ऐसा होता है तो TVK आराम से बहुमत का आंकड़ा पार कर लेगी। पार्टी प्रमुख थोल. थिरुमावलवन पर मंत्री पद या उपमुख्यमंत्री पद की मांग करने का दबाव बताया जा रहा था, लेकिन खबर है कि उन्होंने बिना शर्त समर्थन की लाइन अपनाने का फैसला किया है।

उधर DMK प्रमुख और कार्यवाहक मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने भी राज्यपाल से संविधान के अनुसार नई सरकार गठन की प्रक्रिया तुरंत शुरू करने की अपील की है। स्टालिन का बयान इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि चुनाव के बाद कांग्रेस ने DMK गठबंधन छोड़कर TVK को समर्थन दे दिया था।

तमिलनाडु कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने राज्यभर में राज्यपाल के खिलाफ प्रदर्शन भी किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि राज्यपाल को सबसे बड़ी पार्टी के नेता विजय को सरकार बनाने का निमंत्रण देना चाहिए और बहुमत परीक्षण विधानसभा में होना चाहिए, न कि राजभवन में।

वहीं CPI महासचिव डी. राजा ने कहा कि “राज्यपाल को स्थापित संवैधानिक परंपराओं का पालन करना चाहिए। TVK सबसे बड़ी पार्टी है और उसे बहुमत साबित करने का मौका मिलना चाहिए।” जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी कहा कि विजय को सरकार बनाने से रोकने का कोई औचित्य नहीं है।

दूसरी तरफ AIADMK और BJP अब भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। AIADMK सांसद एम. थंबीदुरई ने कहा कि “अभी कई राजनीतिक चर्चाएं चल रही हैं” और भविष्य में “अच्छी बातें” हो सकती हैं। वहीं तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष नैयनार नागेंद्रन ने साफ कर दिया कि उनकी पार्टी किसी भी गठबंधन सरकार को समर्थन नहीं देगी।

राजनीतिक माहौल को और दिलचस्प बना रहा है फिल्म इंडस्ट्री का समर्थन। विजय के पक्ष में लगातार कलाकारों और फिल्मी हस्तियों की आवाजें उठ रही हैं। सोशल मीडिया पर #VijayForCM और #RespectMandate ट्रेंड कर रहा है।

तमिलनाडु की राजनीति में यह घटनाक्रम इसलिए भी ऐतिहासिक माना जा रहा है क्योंकि लंबे समय बाद राज्य में ऐसा त्रिशंकु जनादेश आया है, जहां सरकार गठन पूरी तरह राजनीतिक रणनीति, समर्थन पत्रों और संवैधानिक प्रक्रिया पर टिका हुआ है। अब सभी की नजर राज्यपाल के अगले कदम और VCK के अंतिम फैसले पर बनी हुई है।

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