अंतरराष्ट्रीय | एजेंसी/ ABC NATIONAL NEWS | लंदन | 30 अप्रैल 2026
सुंदर दिखने की चाह में लोग तरह-तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करते हैं, लेकिन कभी-कभी कंपनियों के दावे हकीकत से बहुत दूर निकल जाते हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां एक फेस सीरम के विज्ञापन पर रोक लगा दी गई है। वजह—उसमें किया गया “5 साल जवान दिखने” का दावा।
यह सीरम करीब 49 पाउंड (यानी लगभग 5 हजार रुपये) का था और इसके विज्ञापन में कहा गया था कि इसे इस्तेमाल करने से चेहरे पर ऐसा असर होगा कि व्यक्ति पांच साल तक जवान दिख सकता है। यही दावा अब कंपनी पर भारी पड़ गया। जांच के बाद पाया गया कि इस दावे के पीछे कोई ठोस वैज्ञानिक सबूत नहीं है, जिसके बाद विज्ञापन पर रोक लगा दी गई।
विज्ञापन में यह भी बताया गया था कि यह प्रोडक्ट त्वचा को बेहतर बनाता है और उम्र के असर को कम करता है। लेकिन नियामक संस्था ने साफ कहा कि इस तरह के दावे लोगों को गुमराह कर सकते हैं। किसी भी ब्यूटी प्रोडक्ट के लिए इतना बड़ा वादा करना, बिना पुख्ता प्रमाण के, सही नहीं माना जा सकता।
त्वचा की देखभाल से सुधार जरूर हो सकता है, लेकिन “5 साल जवान दिखना” जैसे दावे अक्सर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए जाते हैं। हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है, इसलिए किसी एक प्रोडक्ट से सब पर एक जैसा असर होना संभव नहीं है।
इस फैसले के बाद ब्यूटी इंडस्ट्री में भी हलचल मच गई है। अब कंपनियों को अपने विज्ञापनों में किए गए दावों को लेकर ज्यादा सावधान रहना होगा। अगर कोई दावा किया जाता है, तो उसके पीछे मजबूत और स्पष्ट प्रमाण होना जरूरी है।
यह मामला उपभोक्ताओं के लिए भी एक संदेश है कि किसी भी विज्ञापन को आंख बंद करके सच न मानें। खासकर जब बात त्वचा और स्वास्थ्य से जुड़ी हो, तो जानकारी की जांच करना जरूरी है।
“5 साल जवान दिखाने” का दावा करने वाला यह विज्ञापन अब बंद हो चुका है, लेकिन इसने यह जरूर दिखा दिया है कि चमकदार वादों के पीछे की सच्चाई को समझना कितना जरूरी है।




