राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 30 अप्रैल 2026
भारत के एक गांव से सामने आई एक मार्मिक घटना ने इंसानियत और व्यवस्था—दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक गरीब आदमी ने अपनी ही बहन की कब्र खोदकर उसका शव बाहर निकाला और उसे कंधे पर उठाकर बैंक तक ले गया, सिर्फ इसलिए ताकि वह उसके खाते से 211 डॉलर (करीब 17-18 हजार रुपये) निकाल सके। यह घटना जितनी चौंकाने वाली है, उतनी ही दर्दनाक भी। उस आदमी की बहन की हाल ही में मौत हो गई थी। परिवार बेहद गरीब था और उसके पास अंतिम संस्कार के बाद की जरूरतों के लिए भी पैसे नहीं थे। बहन के बैंक खाते में कुछ पैसे जमा थे, लेकिन बैंक से रकम निकालने के लिए जरूरी पहचान और औपचारिकताएं पूरी करना उसके लिए आसान नहीं था।
मजबूरी इतनी बढ़ गई कि उसने एक ऐसा कदम उठा लिया, जिसे सुनकर हर कोई सन्न रह जाए। उसने बहन की कब्र खोदी, शव को बाहर निकाला और उसे लेकर बैंक पहुंच गया। उसकी सोच थी कि अगर वह अपनी बहन को “सामने” दिखा देगा, तो शायद बैंक अधिकारी पैसे निकालने की अनुमति दे देंगे।
जब वह बैंक पहुंचा, तो वहां मौजूद लोग यह दृश्य देखकर हैरान रह गए। किसी को समझ नहीं आया कि यह क्या हो रहा है। बैंक कर्मचारियों ने तुरंत स्थिति को संभालने की कोशिश की और पुलिस को सूचना दी गई।
यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति की मजबूरी की कहानी नहीं है, बल्कि उस व्यवस्था की भी तस्वीर दिखाती है, जहां गरीब आदमी के लिए अपने ही पैसे तक पहुंचना आसान नहीं होता। जरूरी कागजी प्रक्रिया, पहचान और नियम—ये सब कभी-कभी इतने भारी पड़ जाते हैं कि इंसान ऐसे कदम उठाने पर मजबूर हो जाता है।
गांव के लोगों का कहना है कि वह आदमी अपनी बहन से बेहद प्यार करता था और उसके पास कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा था। उसकी हालत देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।
यह घटना एक बड़ा सवाल छोड़ जाती है—क्या हमारी व्यवस्था इतनी कठोर हो चुकी है कि एक आदमी को अपनी बहन की लाश तक उठानी पड़े, सिर्फ अपने ही पैसे पाने के लिए? यह सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि एक ऐसी सच्चाई है, जो समाज और सिस्टम दोनों को आईना दिखाती है।




