राजनीति | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 28 अप्रैल 2026
पंजाब से राज्यसभा में प्रतिनिधित्व को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस के कोषाध्यक्ष अजय माकन ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि जिस पार्टी को पंजाब विधानसभा चुनाव 2022 में महज 6.6% वोट मिले थे, उसे अब राज्यसभा में असंतुलित रूप से अधिक प्रतिनिधित्व मिल रहा है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक भावना के खिलाफ बताते हुए कहा कि यह वही स्थिति पैदा कर रहा है, जिसकी बात अलगाववादी ताकतें लंबे समय से करती रही हैं।
अजय माकन ने अपने बयान में कहा कि राज्यसभा को संविधान में “काउंसिल ऑफ स्टेट्स” कहा गया है, जिसका मूल उद्देश्य राज्यों के प्रतिनिधियों को उनकी जनसंख्या और राजनीतिक ताकत के अनुपात में संसद के ऊपरी सदन में भेजना है। उन्होंने तर्क दिया कि जब किसी पार्टी को राज्य में सीमित जनसमर्थन मिला हो, तो उसे राज्यसभा में अत्यधिक प्रतिनिधित्व मिलना लोकतांत्रिक संतुलन पर सवाल खड़ा करता है।
कांग्रेस नेता के मुताबिक, पंजाब में कुल सात राज्यसभा सीटों में से छह पर बीजेपी का कब्जा होना इस बात का संकेत है कि राजनीतिक प्रक्रिया में असंतुलन पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति न केवल राज्य की जनता के जनादेश के विपरीत है, बल्कि इससे यह संदेश भी जाता है कि लोगों की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है।
माकन ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल करते हुए कहा कि वे पंजाब की जनता को यह कैसे समझाएंगे कि जिस पार्टी को राज्य में बेहद सीमित समर्थन मिला, वह राज्यसभा में इतनी बड़ी हिस्सेदारी कैसे हासिल कर गई। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे कदमों से लोकतांत्रिक संस्थाओं पर लोगों का भरोसा कमजोर हो सकता है।
हालांकि, इस मुद्दे पर बीजेपी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद आने वाले दिनों में और गहराने की संभावना है, क्योंकि यह सीधे तौर पर संघीय ढांचे और प्रतिनिधित्व के सवाल से जुड़ा हुआ है।




