अंतरराष्ट्रीय | एजेंसी / ABC NATIONAL NEWS | 28 अप्रैल 2026
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इजराइल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह रूस द्वारा कथित रूप से कब्जे वाले इलाकों से लाया गया यूक्रेनी अनाज खरीद रहा है, जो पूरी तरह “गैरकानूनी” है। जेलेंस्की का यह बयान ऐसे समय में आया है जब रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच खाद्य आपूर्ति और अनाज व्यापार वैश्विक राजनीति का अहम मुद्दा बन चुका है।
जेलेंस्की ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इजराइली प्रशासन यह नहीं कह सकता कि उसे इस बात की जानकारी नहीं है कि उसके बंदरगाहों पर कौन-कौन से जहाज पहुंच रहे हैं। उनका कहना है कि जिन जहाजों के जरिए अनाज की खेप आ रही है, उनके स्रोत और गतिविधियों पर नजर रखना किसी भी देश के लिए मुश्किल नहीं है। ऐसे में यूक्रेन का दावा है कि यह अनाज उन क्षेत्रों से लाया गया है, जो फिलहाल रूस के नियंत्रण में हैं।
यूक्रेनी नेतृत्व लंबे समय से यह आरोप लगाता रहा है कि रूस युद्ध के दौरान कब्जे वाले क्षेत्रों से अनाज निकालकर अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेच रहा है। यूक्रेन का कहना है कि यह न केवल उसकी आर्थिक संप्रभुता का उल्लंघन है, बल्कि वैश्विक खाद्य सुरक्षा के लिए भी खतरा है। इसी संदर्भ में जेलेंस्की का ताजा बयान इजराइल पर सीधे तौर पर दबाव बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि इस मुद्दे पर इजराइल की ओर से अब तक कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी यह मामला संवेदनशील माना जा रहा है, क्योंकि इसमें एक ओर युद्धग्रस्त यूक्रेन के आरोप हैं तो दूसरी ओर मध्य पूर्व की अहम शक्ति इजराइल का नाम जुड़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ये आरोप साबित होते हैं, तो यह मामला अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों और प्रतिबंधों के उल्लंघन से जुड़ा बड़ा विवाद बन सकता है। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि रूस-यूक्रेन युद्ध का असर सिर्फ युद्धक्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव वैश्विक व्यापार, कूटनीति और खाद्य आपूर्ति श्रृंखला तक गहराई से पहुंच चुका है।





