अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | काठमांडू/देहरादून | 14 अप्रैल 2026
भारत-नेपाल सीमा पर नेपाल ने अचानक ऐसा कड़ा रुख अपनाया है, जिसने पूरे सीमावर्ती इलाके में सनसनी फैला दी है। नेपाल सरकार ने बिना किसी पूर्व संकेत के सुरक्षा बलों की तैनाती छह गुना तक बढ़ा दी है और कई इलाकों में एक के बाद एक ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है। इस सख्ती ने साफ संकेत दे दिया है कि नेपाल किसी बड़े खतरे या इनपुट को लेकर अलर्ट मोड में है। खुफिया सूत्रों के हवाले से सामने आया है कि सीमा पार से संदिग्ध गतिविधियों, अवैध घुसपैठ और तस्करी को लेकर गंभीर इनपुट मिले थे। इन्हीं सूचनाओं के बाद नेपाल ने आक्रामक रणनीति अपनाते हुए सीमाई क्षेत्रों को लगभग ‘हाई सिक्योरिटी ज़ोन’ में बदल दिया है। उत्तराखंड से सटे इलाकों में हालात सबसे ज्यादा संवेदनशील बताए जा रहे हैं, जहां हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल (APF) ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाल लिया है। संदिग्ध ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है, कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ हो रही है और सीमा से गुजरने वाले हर शख्स की सख्त जांच की जा रही है। हालात ऐसे हैं कि अब बिना जांच के सीमा पार करना लगभग नामुमकिन हो गया है।
इस अचानक बढ़ी सख्ती ने स्थानीय लोगों की दिनचर्या पर भी असर डाला है। रोजमर्रा के काम से सीमा पार आने-जाने वाले लोगों को लंबी जांच प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों का साफ कहना है कि “कोई भी ढिलाई अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
भारत की ओर भी हलचल तेज हो गई है। सीमावर्ती क्षेत्रों में भारतीय एजेंसियां भी पूरी तरह सतर्क हो गई हैं और नेपाल के साथ लगातार संपर्क में हैं। दोनों देशों के बीच खुली सीमा व्यवस्था को देखते हुए यह स्थिति और भी संवेदनशील बन जाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नेपाल का यह कदम सिर्फ सामान्य सुरक्षा कवायद नहीं, बल्कि एक स्पष्ट संदेश है—सीमा पर किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि को अब बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल, पूरे इलाके में सुरक्षा बलों की सख्त मौजूदगी और लगातार चल रही रेड ने माहौल को पूरी तरह तनावपूर्ण और हाई अलर्ट में बदल दिया है।




