अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | काठमांडू | 14 अप्रैल 2026
नेपाल में पारदर्शिता के नाम पर किया गया संपत्ति खुलासा अब बड़े राजनीतिक विवाद में बदल गया है। प्रधानमंत्री बालेन शाह और उनकी पूरी कैबिनेट द्वारा अपनी संपत्तियों का सार्वजनिक विवरण सामने आने के बाद देशभर में बहस तेज हो गई है। प्रधानमंत्री ने अपने हलफनामे में बताया कि उनके बैंक खातों में करीब 14 मिलियन नेपाली रुपये नकद जमा हैं। उन्होंने अपनी आय का मुख्य स्रोत डिजिटल प्लेटफॉर्म—जैसे यूट्यूब और सोशल मीडिया—को बताया है। सरकार ने इसे पारदर्शिता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम करार दिया है, लेकिन सामने आए आंकड़ों ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
विवाद उस समय और गहरा गया जब खुलासे में यह सामने आया कि प्रधानमंत्री की पत्नी के नाम पर लगभग 190 तोला सोना दर्ज है। इसे पारिवारिक विरासत बताया गया है, लेकिन विपक्ष और सामाजिक संगठनों ने इसकी सत्यता और स्रोत पर सवाल उठाए हैं। आम लोगों के बीच भी यह चर्चा का विषय बन गया है कि इतनी बड़ी मात्रा में संपत्ति का वास्तविक आधार क्या है।
कैबिनेट के अन्य मंत्रियों की संपत्ति का ब्योरा भी कम चौंकाने वाला नहीं है। कुछ मंत्रियों ने करोड़ों की जमीन और संपत्ति घोषित की है, जबकि कई ने बेहद सामान्य जीवनशैली दर्शाते हुए सीमित संसाधनों का जिक्र किया है। इस असमानता ने नेपाल की राजनीति में आर्थिक अंतर को उजागर कर दिया है।
सरकार का कहना है कि जनता को नेताओं की वास्तविक आर्थिक स्थिति बताना लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है। वहीं विपक्ष का आरोप है कि केवल संपत्ति बताना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए कि यह संपत्ति किन स्रोतों से अर्जित की गई।
नेपाल में यह मुद्दा अब पारदर्शिता बनाम जवाबदेही की बहस में बदल चुका है। एक ओर सरकार इसे ईमानदारी का प्रतीक बता रही है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष और नागरिक समाज इसे अधूरा और संदिग्ध खुलासा मानते हुए लगातार सवाल उठा रहे हैं।




