राजनीति | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 9 अप्रैल 2026
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की प्रवक्ता डॉ. कंचन यादव ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान आयोग का रवैया निष्पक्ष नहीं दिख रहा है और अलग-अलग राज्यों में अलग मानक अपनाए जा रहे हैं। उन्होंने सीधे तौर पर ज्ञानेश कुमार का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव आयोग की कार्रवाई से यह संदेश जा रहा है कि जहां बीजेपी की सरकार है, वहां प्रशासनिक हस्तक्षेप कम या नहीं के बराबर दिखाई देता है, जबकि विपक्ष शासित राज्यों में सख्ती जरूरत से कहीं ज्यादा नजर आती है।
कंचन यादव ने तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां चुनाव के दौरान बहुत बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल किए गए, क्योंकि उन राज्यों में बीजेपी की सरकार नहीं है। जबकि असम का हवाला देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि वहां ऐसी कोई कार्रवाई नहीं हुई, क्योंकि राज्य में बीजेपी की सरकार है।
उन्होंने केरल से जुड़े चुनाव आयोग के एक नोटिस का जिक्र करते हुए यह भी कहा कि उसमें “सीधे तौर पर बीजेपी की मुहर” लगी थी। यादव ने सवाल उठाया कि चुनाव आयोग अब निष्पक्ष संस्था क्यों नहीं है? एक के बाद एक चुनावों में ज्ञानेश कुमार और उनकी टीम बीजेपी के लिए काम करती है। कर्नाटक, महाराष्ट्र और हरियाणा में चुनाव आयोग के वोट चोरी का खेल राहुल गांधी और विपक्ष ने खोल कर रख दिया था। उसके बावजूद अदालत तक ने इस पर संज्ञान नहीं लिया और राज्य दर राज्य और लोकसभा चुनाव सबमें वोट चोरी का खेल बीजेपी के लिए चलता रहा।
RJD प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि जहां विपक्ष की सरकार है, वहां चुनाव आयोग विपक्ष के खिलाफ सक्रिय दिखता है, जबकि भाजपा शासित राज्यों में आयोग का रुख अलग नजर आता है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है।




