राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 9 अप्रैल 2026
राजधानी दिल्ली के प्रशासनिक ढांचे में अचानक बड़ा बदलाव देखने को मिला जब रेखा गुप्ता सरकार ने एक साथ 20 से अधिक आईएएस और डैनिक्स अधिकारियों के तबादले व नई पोस्टिंग के आदेश जारी कर दिए। इस व्यापक फेरबदल से विभिन्न विभागों में काफी हलचल पैदा हो गई है और अधिकारियों के बीच नई जिम्मेदारियों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सरकारी सूत्रों के मुताबिक यह बदलाव पूरी तरह प्रशासनिक जरूरतों, कार्यक्षमता बढ़ाने और लंबे समय से एक ही पद पर बने अधिकारियों को हटाकर नई ऊर्जा लाने के उद्देश्य से किया गया है, जिससे सरकारी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके और जनता को मिलने वाली सेवाओं में सुधार आए।
इस फेरबदल में सबसे ज्यादा ध्यान दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों पर गया है। 1989 बैच के आईएएस डॉ. जी. नरेंद्र कुमार को दिल्ली का नया वित्तीय आयुक्त (Financial Commissioner) बनाया गया है, जो एक बेहद महत्वपूर्ण और जिम्मेदारी भरा पद माना जाता है। वहीं आईएएस प्रशांत गोयल को फूड एंड सिविल सप्लाई विभाग का अतिरिक्त मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। उनके पास दिल्ली फूड कमिश्नर और दिल्ली स्टेट सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर की जिम्मेदारी भी रहेगी। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि उन्हें पावर विभाग और प्रशासनिक सुधार जैसे अतिरिक्त विभागों की भी देखभाल सौंपी गई है। इन दोनों बड़े तबादलों को सरकार की प्राथमिकताओं में खाद्य सुरक्षा, वित्तीय प्रबंधन और सुधारों को तेज गति देने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
इसके अलावा मध्य और फील्ड स्तर पर भी कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। आईएएस सौम्या सौरभ को नॉर्थ-वेस्ट जिले का डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (डीएम) बनाया गया है और उन्हें इंडस्ट्रीज विभाग में अतिरिक्त जिम्मेदारी भी दी गई है। सोनिका सिंह को दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) में कमिश्नर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नवलेंद्र कुमार सिंह को जीएसटी विभाग में एडिशनल कमिश्नर बनाया गया है। हर्षित जैन को दिल्ली विधानसभा में जॉइंट सेक्रेटरी, मंगल सैनी को सेंट्रल जेल का सुपरिंटेंडेंट और ओम प्रकाश सैनी को DSSSB में डिप्टी सेक्रेटरी की पोस्टिंग दी गई है। मनोज कुमार, भूप सिंह, मुकेश कुमार, आशीष शौकीन, अश्विनी कुमार समेत कई अन्य अधिकारियों को भी विभिन्न विभागों में नई तैनातियां मिली हैं।
प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह फेरबदल केवल रूटीन ट्रांसफर नहीं बल्कि सरकार द्वारा पूरे सिस्टम को नई दिशा देने की कोशिश है। लंबित फाइलों के निस्तारण, योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन और विभागीय समन्वय में सुधार लाने के लिए यह कदम उठाया गया है। राजनीतिक हलकों में भी इस बदलाव को आगामी नीतिगत फैसलों और 2027 जनगणना जैसी बड़ी तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। कर्मचारियों के बीच उत्सुकता है कि नए अधिकारी किस तरह से काम की रफ्तार बढ़ाएंगे और पुरानी व्यवस्था में कितना सुधार ला पाएंगे। दिल्ली प्रशासन में हुए इस बड़े फेरबदल ने साफ संकेत दिया है कि सरकार अब हर स्तर पर जवाबदेही, पारदर्शिता और कार्यकुशलता को बढ़ावा देने के मूड में है। आने वाले दिनों में इन नए पदस्थापनों का असर शिक्षा, स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा, शहरी विकास और राजस्व जैसे अहम क्षेत्रों में दिखने की उम्मीद है। आम लोगों की नजर इन तबादलों के बाद सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता और गति पर बनी रहेगी।




