अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 8 अप्रैल 2026
मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर भयावह रूप लेता नजर आ रहा है, जहां लेबनान पर इजरायल के ताजा हमलों में भारी जनहानि की खबर सामने आई है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इन हमलों में कम से कम 87 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 700 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। यह आंकड़े शुरुआती हैं और आशंका जताई जा रही है कि मलबे में दबे लोगों के कारण मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। हमले के बाद कई इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल है और राहत एवं बचाव कार्य तेजी से जारी हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमले बेहद तीव्र थे और रिहायशी इलाकों को भी निशाना बनाया गया, जिससे आम नागरिक सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। घटनास्थलों पर तबाही का मंजर देखने को मिल रहा है—इमारतें ध्वस्त हो गई हैं, गाड़ियां जलकर खाक हो चुकी हैं और हर तरफ धुआं व मलबा फैला हुआ है। बचाव दल लगातार1 घायलों को अस्पताल पहुंचाने और मलबे में फंसे लोगों को निकालने में जुटे हुए हैं, लेकिन हालात बेहद चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।
लेबनान सरकार ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है। वहीं, स्वास्थ्य मंत्रालय ने देशभर के अस्पतालों में आपात स्थिति घोषित कर दी है और अतिरिक्त मेडिकल स्टाफ को तैनात किया गया है। घायलों की संख्या अधिक होने के कारण कई अस्पतालों में संसाधनों की कमी की स्थिति भी सामने आ रही है, जिससे इलाज में दिक्कतें बढ़ रही हैं।
इजरायल की ओर से कहा गया है कि यह कार्रवाई सुरक्षा कारणों से की गई है और इसका उद्देश्य आतंकी ठिकानों को निशाना बनाना था। हालांकि, नागरिकों की मौत को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जताई जा रही है और कई देशों ने संयम बरतने की अपील की है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय पर हुआ है जब पूरे पश्चिम एशिया में पहले से ही तनाव की स्थिति बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात पर जल्द नियंत्रण नहीं पाया गया, तो यह संघर्ष और व्यापक रूप ले सकता है। फिलहाल, अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें इस पर टिकी हुई हैं कि आने वाले दिनों में स्थिति किस दिशा में जाती है और क्या दोनों पक्ष किसी तरह के समाधान की ओर बढ़ते हैं।




