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‘सरके चुनर तेरी’ पर सख्ती: गाने पर प्रतिबंध, संसद में कोहराम—अभिव्यक्ति की आज़ादी की तय हो सीमा

राष्ट्रीय | नई दिल्ली | ABC NATIONAL NEWS | 18 मार्च 2026

बॉलीवुड अभिनेत्री नोरा फतेही के नए गाने “सरके चुनर तेरी” को लेकर देशभर में विवाद गहराता जा रहा है। गाने की कथित आपत्तिजनक प्रस्तुति को लेकर उठी आपत्तियां अब संसद तक पहुंच गई हैं, जिससे यह मामला राष्ट्रीय बहस का विषय बन गया है।लोकसभा में कई सांसदों ने इस गाने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया कि इसमें अश्लीलता को बढ़ावा दिया गया है, जो समाज और खासकर युवा पीढ़ी पर गलत प्रभाव डाल सकता है। इस दौरान सरकार से कड़े कदम उठाने की मांग भी की गई।

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट किया कि “अभिव्यक्ति की आज़ादी महत्वपूर्ण है, लेकिन यह पूर्ण नहीं हो सकती। इसके साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है।” उन्होंने संकेत दिए कि सरकार इस तरह की सामग्री पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई भी की जाएगी।

विवाद बढ़ने के बाद संबंधित प्लेटफॉर्म्स पर गाने के प्रसारण को लेकर सख्ती दिखाई गई है। सूत्रों के मुताबिक, कुछ प्लेटफॉर्म्स ने गाने को हटाने या उसकी पहुंच सीमित करने जैसे कदम उठाए हैं, जिसे प्रतिबंध के रूप में देखा जा रहा है।

दूसरी ओर, मनोरंजन जगत के कुछ कलाकारों और विशेषज्ञों ने इस कार्रवाई को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश बताते हुए चिंता जताई है। उनका कहना है कि रचनात्मकता पर इस तरह का दबाव कला के विकास के लिए सही नहीं है।

सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर तीखी बहस जारी है। एक पक्ष इसे भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए प्रतिबंध का समर्थन कर रहा है, जबकि दूसरा पक्ष इसे व्यक्तिगत पसंद और कला की आज़ादी का हिस्सा मान रहा है। “सरके चुनर तेरी” विवाद केवल एक गाने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सामाजिक मर्यादा के बीच संतुलन को लेकर एक बड़ी राष्ट्रीय बहस का रूप ले चुका है।

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