एबीसी नेशनल न्यूज | नई दिल्ली | 14 मार्च 2026
मध्य पूर्व में ईरान से जुड़े बढ़ते युद्ध और क्षेत्रीय तनाव के बीच सऊदी अरब और पाकिस्तान ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का संकेत दिया है। जेद्दा में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman के बीच हुई बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, कूटनीतिक प्रयासों और दोनों देशों के रक्षा सहयोग पर विस्तार से चर्चा हुई।
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब ईरान से जुड़े संघर्ष के कारण खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं। मिसाइल और ड्रोन हमलों, ऊर्जा बाजार में अस्थिरता और समुद्री व्यापार मार्गों पर खतरे ने पूरे क्षेत्र की स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रक्षा समझौते का बढ़ा महत्व
सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच पिछले साल हस्ताक्षरित रणनीतिक पारस्परिक रक्षा समझौता (Strategic Mutual Defense Agreement) मौजूदा संकट में और महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस समझौते का मुख्य सिद्धांत यह है कि किसी एक देश पर हमला दोनों देशों के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई माना जाएगा।
हाल ही में पाकिस्तान के सेना प्रमुख Asim Munir और सऊदी रक्षा मंत्री Khalid bin Salman के बीच भी रक्षा सहयोग और सुरक्षा समन्वय को लेकर बातचीत हुई। पाकिस्तान ने एक बार फिर सऊदी अरब की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
दशकों पुराना रिश्ता
विशेषज्ञों के अनुसार सऊदी अरब और पाकिस्तान के संबंध किसी एक संकट का परिणाम नहीं हैं, बल्कि यह दशकों से विकसित एक रणनीतिक साझेदारी है। दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग, कूटनीतिक समर्थन और आर्थिक साझेदारी लंबे समय से जारी है।
1960 के दशक से ही पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी सऊदी रक्षा संस्थानों के प्रशिक्षण और आधुनिकीकरण में सहयोग करते रहे हैं। इसके अलावा संयुक्त सैन्य अभ्यास और सुरक्षा सहयोग ने इस रिश्ते को और मजबूत बनाया है।
मानवीय और आर्थिक संबंध भी मजबूत
दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत बनाने में मानवीय और आर्थिक संबंधों की भी बड़ी भूमिका है। सऊदी अरब में लाखों पाकिस्तानी नागरिक काम करते हैं और वहां की अर्थव्यवस्था के विकास में योगदान देते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि खाड़ी क्षेत्र की स्थिरता न केवल मध्य पूर्व बल्कि पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में सऊदी अरब और पाकिस्तान का सहयोग क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभा सकता है।
तनाव को फैलने से रोकना प्राथमिकता
दोनों देशों का कहना है कि उनका साझा लक्ष्य मौजूदा संकट को व्यापक क्षेत्रीय युद्ध में बदलने से रोकना है। पाकिस्तान जहां कूटनीतिक स्तर पर क्षेत्रीय संवाद बनाए रखने की कोशिश कर रहा है, वहीं सऊदी अरब अपनी सुरक्षा मजबूत करते हुए संयमित रुख अपनाए हुए है।
विशेषज्ञों के अनुसार मौजूदा हालात में सऊदी-पाकिस्तान साझेदारी खाड़ी क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक आधार बन सकती है।




