एबीसी नेशनल न्यूज | नई दिल्ली | 13 मार्च 2026
देश में चल रहे एलपीजी संकट का असर अब भारतीय रेलवे की खानपान व्यवस्था पर भी पड़ने लगा है। स्थिति को देखते हुए आईआरसीटीसी (IRCTC) ने ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर भोजन व्यवस्था को लेकर नई तैयारी शुरू कर दी है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यदि गैस की कमी बढ़ती है तो ट्रेनों में ताजा खाना पकाकर परोसने की व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
रेलवे सूत्रों के अनुसार ट्रेनों में यात्रियों को दिया जाने वाला अधिकांश भोजन आईआरसीटीसी के बेस किचन में तैयार किया जाता है और फिर पेंट्री कार के माध्यम से यात्रियों तक पहुंचाया जाता है। लेकिन कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण कई किचनों में खाना पकाने की व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। इसी को देखते हुए आईआरसीटीसी ने वैकल्पिक व्यवस्था पर काम शुरू कर दिया है।
बताया जा रहा है कि कई बेस किचनों और स्टेशन कैटरिंग यूनिट्स को निर्देश दिए गए हैं कि वे माइक्रोवेव, इंडक्शन और अन्य इलेक्ट्रिक उपकरणों का उपयोग बढ़ाएं ताकि गैस पर निर्भरता कम की जा सके। इसके साथ ही रेडी-टू-ईट और पैकेज्ड फूड का स्टॉक भी बढ़ाने को कहा गया है, ताकि यात्रियों को भोजन उपलब्ध कराने में किसी तरह की परेशानी न हो।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी ट्रेन में पका हुआ भोजन उपलब्ध कराना संभव नहीं हो पाया तो यात्रियों को पहले से बुक किए गए खाने का पैसा वापस कर दिया जाएगा। फिलहाल रेलवे और आईआरसीटीसी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और जरूरत पड़ने पर आगे और कदम उठाए जा सकते हैं।
रेलवे के अनुसार रोजाना देशभर में लाखों रेल यात्रियों को आईआरसीटीसी के माध्यम से भोजन उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में गैस आपूर्ति में किसी भी तरह की बाधा सीधे इस व्यवस्था को प्रभावित कर सकती है। यही वजह है कि यात्रियों को परेशानी से बचाने के लिए रेलवे पहले से वैकल्पिक इंतजाम करने में जुट गया है।




