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ईरान में ‘जहरीली बारिश’ ने बढ़ाया डर, तेल ठिकानों पर हमलों के बाद आसमान से बरसा काला पानी

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एबीसी नेशनल न्यूज | तेहरान/ तेल अवीव / वाशिंगटन | 10 मार्च

मध्य-पूर्व में जारी युद्ध अब सिर्फ गोलियों और मिसाइलों तक सीमित नहीं रहा। अमेरिका और इजरायल के हवाई हमलों के बाद ईरान के कुछ इलाकों में ऐसी बारिश हुई, जिसे लोग “जहरीली” और “काली बारिश” कह रहे हैं। आसमान से गिरती इन काली बूंदों ने पहले से डरे-सहमे लोगों के दिलों में नया खौफ भर दिया है। कई जगह लोगों ने देखा कि बारिश का पानी सामान्य नहीं था, बल्कि काले धुएँ और तेल जैसी परत से भरा हुआ था।

तेल डिपो पर हमलों के बाद आसमान में फैला जहरीला धुआँ

रिपोर्टों के अनुसार तेहरान के आसपास मौजूद तेल भंडारण केंद्रों और रिफाइनरियों पर हुए हवाई हमलों के बाद कई जगह भीषण आग लग गई। जलते तेल के कारण आसमान में काले धुएँ का विशाल गुबार फैल गया। यही धुआँ बादलों के साथ मिलकर बारिश में बदल गया और कई इलाकों में काले रंग की बूंदों के रूप में गिरने लगा। स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़कों, घरों और वाहनों पर गिरा पानी सामान्य बारिश जैसा नहीं बल्कि चिपचिपा और बदरंग दिखाई दे रहा था।

लोगों में दहशत, आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ

बारिश के बाद कई नागरिकों ने आंखों में तेज जलन, सिरदर्द और सांस लेने में परेशानी की शिकायत की है। कुछ लोगों का कहना है कि बारिश के बाद हवा और भी भारी और जहरीली महसूस होने लगी। लोगों ने घरों के दरवाजे-खिड़कियां बंद कर लीं और बच्चों को बाहर जाने से रोक दिया। जंग से थके हुए शहर में यह नया खतरा लोगों के लिए किसी डरावने सपने से कम नहीं है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने जताई चिंता

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि तेल ठिकानों में लगी आग से निकलने वाले जहरीले रसायन हवा में मिलकर गंभीर प्रदूषण पैदा कर सकते हैं। जब यही प्रदूषित कण बारिश के साथ जमीन पर गिरते हैं तो वह पानी त्वचा, आंखों और सांस से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ा सकता है। विशेषज्ञों ने लोगों को सावधानी बरतने और ऐसी बारिश से बचने की सलाह दी है।

जंग का बोझ झेल रहा आम आदमी

मध्य-पूर्व की इस टकराहट में सबसे ज्यादा पीड़ा आम लोगों को झेलनी पड़ रही है। रात भर आसमान में उठते धुएँ और दूर-दूर तक दिखती आग की लपटों के बीच जब सुबह काली बारिश हुई तो कई लोगों ने इसे “जंग का जहर” कहा। ईरान के कई इलाकों में अब लोग सिर्फ बमों से नहीं, बल्कि हवा और आसमान से बरसते खतरे से भी डरने लगे हैं।

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