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मोदी सरकार ने भारत का बाजार अमेरिका के लिए खोल दिया, किसानों और उद्योग पर पड़ेगा भारी असर : राहुल गांधी

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एबीसी नेशनल न्यूज | नई दिल्ली | 9 मार्च 2026

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने सोमवार को केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री Narendra Modi की कड़ी आलोचना की है। दिल्ली में आयोजित कांग्रेस के ओबीसी महिला राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों से देश के किसानों, व्यापारियों और उद्योगों को नुकसान हो सकता है, जबकि अंतरराष्ट्रीय समझौतों में भारत के हितों की अनदेखी की जा रही है।

ओबीसी के मुद्दे पर सरकार को घेरा

अपने संबोधन में राहुल गांधी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी अक्सर ओबीसी वर्ग के हितों की बात करती है, लेकिन वास्तविकता में पिछड़े वर्ग के लोगों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाया है। उन्होंने सम्मेलन में मौजूद कार्यकर्ताओं से कहा कि अधिकारों और भागीदारी के लिए समाज को संगठित होकर आवाज उठानी होगी।

राहुल गांधी ने कहा कि सामाजिक न्याय और बराबरी के मुद्दों पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है, ताकि पिछड़े वर्गों को वास्तविक अवसर और प्रतिनिधित्व मिल सके।

अमेरिका के साथ समझौते पर सवाल

राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने ऐसे फैसले किए हैं जिनसे देश के उद्योग और किसानों पर दबाव पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि अगर अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौते संतुलित तरीके से नहीं किए गए तो भारतीय बाजार में विदेशी उत्पादों की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और घरेलू उत्पादन प्रभावित हो सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक व्यापार नीतियों में भारत को अपने किसानों और उद्योगों के हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए।

किसानों और व्यापारियों की चिंता का मुद्दा

अपने भाषण में राहुल गांधी ने कहा कि अगर बड़े पैमाने पर विदेशी कृषि उत्पाद या औद्योगिक सामान भारतीय बाजार में आते हैं तो देश के छोटे किसान और व्यापारी मुश्किल में पड़ सकते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी स्थिति में भारतीय किसान वैश्विक स्तर पर बड़ी कंपनियों से मुकाबला कैसे कर पाएंगे।

उन्होंने सरकार से मांग की कि व्यापार और आर्थिक फैसलों में किसानों, व्यापारियों और छोटे उद्योगों के हितों को प्राथमिकता दी जाए।

डेटा और तकनीक पर भी उठाए सवाल

राहुल गांधी ने डिजिटल अर्थव्यवस्था और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के मुद्दे पर भी सरकार की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि आज के समय में डेटा सबसे बड़ी पूंजी बन चुका है और भविष्य की तकनीक उसी पर आधारित होगी।

उनका कहना था कि भारत के डेटा और डिजिटल संसाधनों की सुरक्षा बेहद जरूरी है और इसे राष्ट्रीय हितों के अनुरूप ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

सरकार की ओर से प्रतिक्रिया का इंतजार

राहुल गांधी के इन आरोपों के बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है। हालांकि केंद्र सरकार की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच और तीखी राजनीतिक बहस देखने को मिल सकती है।

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