[the_ad id="179"]
Home » International » ईरान के नए सुप्रीम लीडर को लेकर इजरायल की धमकी से चीन नाराज़

ईरान के नए सुप्रीम लीडर को लेकर इजरायल की धमकी से चीन नाराज़

एबीसी नेशनल न्यूज | अंतरराष्ट्रीय डेस्क | 9 मार्च 2026

मध्यपूर्व में बढ़ते तनाव के बीच चीन ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर को लेकर इजरायल की कथित धमकी पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। बीजिंग ने साफ शब्दों में कहा है कि किसी भी बहाने से किसी देश के सर्वोच्च नेतृत्व को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून और वैश्विक स्थिरता के लिए गंभीर खतरा है। चीन की इस टिप्पणी ने पहले से ही संवेदनशील बने मध्यपूर्व संकट को और ज्यादा कूटनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।

चीन की कड़ी चेतावनी

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ऐसे बयान हालात को और अधिक भड़का सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी देश के राजनीतिक या धार्मिक नेतृत्व को सैन्य कार्रवाई का लक्ष्य बनाना बेहद खतरनाक मिसाल बन सकता है। चीन ने इस तरह की किसी भी कार्रवाई से बचने और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।

बीजिंग का कहना है कि मध्यपूर्व पहले से ही युद्ध जैसे हालात से गुजर रहा है और ऐसे में किसी भी उकसावे वाली कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में बड़ा संघर्ष भड़क सकता है। चीन ने जोर देकर कहा कि विवादों का समाधान सैन्य कार्रवाई के बजाय बातचीत और कूटनीतिक रास्तों से ही संभव है।

मध्यपूर्व संकट पर वैश्विक चिंता

इजरायल और ईरान के बीच जारी तनाव ने कई वैश्विक शक्तियों को चिंतित कर दिया है। हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच बयानबाजी और सैन्य गतिविधियां तेज हुई हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यदि इस टकराव में और तीखापन आता है तो इसका असर सिर्फ मध्यपूर्व तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक राजनीति और ऊर्जा बाजारों पर भी पड़ेगा।

इसी वजह से चीन समेत कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। चीन लंबे समय से यह कहता रहा है कि मध्यपूर्व में स्थिरता बनाए रखना वैश्विक शांति और आर्थिक संतुलन के लिए बेहद जरूरी है।

कूटनीतिक मोर्चे पर सक्रियता

चीन ने एक बार फिर यह दोहराया है कि वह मध्यपूर्व में शांति और स्थिरता के लिए रचनात्मक भूमिका निभाने को तैयार है। बीजिंग का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मिलकर ऐसी किसी भी स्थिति को रोकना चाहिए जो व्यापक युद्ध का कारण बन सकती है।

ईरान-इजरायल टकराव के बीच चीन की यह टिप्पणी यह संकेत देती है कि बीजिंग अब इस संकट को लेकर अधिक सक्रिय कूटनीतिक भूमिका निभाना चाहता है। वहीं दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में मध्यपूर्व का यह संकट किस दिशा में आगे बढ़ता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *