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टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद हार्दिक पांड्या का बड़ा बयान: “मेरे अंदर अभी 10 साल और क्रिकेट बाकी है, 10 और ICC ट्रॉफी जीतना चाहता हूं”

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एबीसी नेशनल न्यूज | अहमदाबाद | 8 मार्च 2026

टी20 वर्ल्ड कप में भारत की ऐतिहासिक जीत के बाद टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या ने बेहद भावुक और आत्मविश्वास से भरा बयान दिया है। भारत के इस शानदार खिलाड़ी ने साफ कहा कि उनके अंदर अभी काफी क्रिकेट बाकी है और वह आने वाले वर्षों में देश के लिए कई और आईसीसी खिताब जीतना चाहते हैं। पांड्या के अनुसार यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं बल्कि करोड़ों भारतीयों की भावनाओं, मेहनत और विश्वास की जीत है। उन्होंने कहा कि इस पूरे टूर्नामेंट में टीम ने जिस तरह से संघर्ष किया और दबाव के क्षणों में खुद को संभाला, वह उनके लिए बेहद गर्व का क्षण है। पांड्या ने कहा कि उनके अंदर अभी कम से कम दस साल का क्रिकेट बाकी है और उनका लक्ष्य है कि इस दौरान भारत के लिए दस और आईसीसी ट्रॉफी जीतें। उन्होंने कहा कि यही उनका सबसे बड़ा सपना और लक्ष्य है और इसके लिए वह लगातार मेहनत करते रहेंगे।

हार्दिक पांड्या ने कहा कि भारत में विश्व कप जीतना और अपने ही देश में खिताब का सफल बचाव करना एक बेहद भावनात्मक अनुभव है। उन्होंने कहा कि जब स्टेडियम में हजारों दर्शकों के बीच तिरंगे लहरा रहे थे और पूरा माहौल उत्साह और जोश से भरा हुआ था, उस समय यह एहसास और भी गहरा हो गया कि यह जीत कितनी बड़ी है। पांड्या ने कहा कि देश के लोगों की खुशी, उनका जोश और खिलाड़ियों के लिए उनका प्यार इस जीत को और भी खास बना देता है। उन्होंने कहा कि टीम ने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए बहुत मेहनत की है और खिलाड़ियों के भीतर पहले से ही विश्वास था कि वे इस टूर्नामेंट को जीत सकते हैं। पांड्या ने कहा कि उन्हें मैच से एक दिन पहले ही यह विश्वास हो गया था कि भारत इस बार चैंपियन बनने वाला है और उनके मन में हार का ख्याल बिल्कुल भी नहीं था।

उन्होंने सेमीफाइनल मुकाबले की एक अहम याद भी साझा की। पांड्या ने बताया कि इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में जब वह 19वां ओवर डालने के लिए आए तो उनके दिमाग में 2024 वर्ल्ड कप फाइनल की यादें ताजा हो गई थीं। उस समय उन्होंने खुद को मानसिक रूप से मजबूत रखा और पूरे आत्मविश्वास के साथ गेंदबाजी की। पांड्या ने कहा कि उसी दौरान उन्होंने टीम के युवा बल्लेबाजों ईशान किशन और अभिषेक शर्मा से भी बात की थी। उन्होंने दोनों से कहा था कि जब वे बल्लेबाजी करने मैदान पर जाएं तो अच्छी यादों और सकारात्मक सोच के साथ जाएं, क्योंकि क्रिकेट में मानसिक मजबूती उतनी ही महत्वपूर्ण होती है जितनी तकनीक और कौशल।

हार्दिक पांड्या ने इस जीत में शानदार प्रदर्शन करने वाले संजू सैमसन और ईशान किशन की जमकर तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि जीवन हमें बहुत बड़ी सीख देता है कि अगर आप ईमानदारी से मेहनत करते हैं और दूसरों की सफलता में भी खुश रहना सीखते हैं तो भगवान आपको भी मौके देता है। पांड्या ने कहा कि टीम के कई युवा खिलाड़ियों ने इस टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया और यह साबित किया कि धैर्य, मेहनत और विश्वास से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ खिलाड़ियों के लिए नहीं बल्कि पूरे देश के लिए एक सीख है कि अगर आप शांत रहकर लगातार मेहनत करते रहें तो एक दिन सफलता जरूर मिलती है।

पांड्या ने कहा कि उन्हें अपने साथियों पर बेहद गर्व है और पूरी टीम ने एकजुट होकर इस जीत को हासिल किया है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट सिर्फ व्यक्तिगत प्रदर्शन का खेल नहीं है बल्कि टीम भावना, विश्वास और एक दूसरे के लिए खेलने की भावना ही असली ताकत होती है। भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में यही दिखाया और इसी का परिणाम है कि टीम एक बार फिर विश्व चैंपियन बनी है। उन्होंने कहा कि यह जीत हमेशा उनके दिल में रहेगी और आने वाले समय में भी वह भारत के लिए और बड़ी उपलब्धियां हासिल करने के लिए पूरी मेहनत करेंगे।

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