एबीसी नेशनल न्यूज | नई दिल्ली | 8 मार्च 2026
भारतीय समाज में महिलाओं की भूमिका लगातार मजबूत और प्रभावशाली होती जा रही है। शिक्षा, पत्रकारिता, सामाजिक जागरूकता और नेतृत्व के क्षेत्रों में महिलाएं नए आयाम स्थापित कर रही हैं। ऐसी ही प्रेरणादायक व्यक्तित्वों में एक नाम है डॉ. निपुणिका शाहिद। मीडिया, शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में उनका योगदान यह दर्शाता है कि नारी केवल परिवार की शक्ति नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के भविष्य को दिशा देने वाली एक सशक्त शक्ति है।
डॉ. निपुणिका शाहिद आज मीडिया शिक्षा और पत्रकारिता की दुनिया में एक सम्मानित नाम हैं। वर्तमान में वह क्राइस्ट यूनिवर्सिटी, दिल्ली-एनसीआर कैंपस (गाजियाबाद) में असिस्टेंट प्रोफेसर और मीडिया सेंटर की प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं। पत्रकारिता, शिक्षण, शोध और मीडिया प्रशिक्षण के क्षेत्र में उन्हें दो दशकों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। इस लंबे अनुभव के दौरान उन्होंने मीडिया की नई पीढ़ी को प्रशिक्षित करने और जिम्मेदार पत्रकारिता की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने ब्रिटेन में भी पत्रकारिता की शिक्षा देने का कार्य किया है।
डॉ. निपुणिका शाहिद का पेशेवर जीवन मीडिया से शुरू हुआ। उन्होंने आकाशवाणी (ऑल इंडिया रेडियो) से अपने करियर की शुरुआत की और आगे चलकर देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़ीं। उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स, 4cplusdotcom, जी न्यूज, ईटीवी न्यूज, एएनआई न्यूज और सहारा समय जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों में पत्रकार के रूप में काम किया। इन संस्थानों में कार्य करते हुए उन्होंने अनेक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और सामाजिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग की और पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान बनाई।
पत्रकारिता के दौरान उन्होंने महिलाओं से जुड़े मुद्दों, सामाजिक न्याय, बंधुआ मजदूरी, बाल अधिकार, संसद पर हमले, भारत-पाक संबंध, अंतरराष्ट्रीय राजनीति और चुनाव जैसे विषयों पर रिपोर्टिंग की। इसके साथ ही उन्होंने जलवायु परिवर्तन, न्यायपालिका, भ्रष्टाचार, नकली दवाओं के कारोबार और पर्यावरण से जुड़े विषयों पर भी विशेष रिपोर्ट तैयार कीं। इन विषयों पर उनकी गहरी समझ और संवेदनशील दृष्टिकोण ने उन्हें एक गंभीर और जिम्मेदार पत्रकार के रूप में स्थापित किया।
पत्रकारिता के साथ-साथ डॉ. निपुणिका शाहिद ने शिक्षा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है। वर्ष 2008 से उन्होंने एमिटी स्कूल ऑफ कम्युनिकेशन, एमिटी यूनिवर्सिटी नोएडा में विद्यार्थियों को पत्रकारिता और मीडिया की शिक्षा दी। इस दौरान उन्होंने स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के छात्रों को प्रशिक्षित किया और उन्हें मीडिया जगत की वास्तविक कार्यप्रणाली से परिचित कराया। उनके मार्गदर्शन में अनेक छात्र आज देश के विभिन्न मीडिया संस्थानों में सफलतापूर्वक कार्य कर रहे हैं।
डॉ. निपुणिका शाहिद का मानना है कि पत्रकारिता केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी भी है। इसलिए वह अपने छात्रों को निष्पक्षता, सत्यनिष्ठा और संवेदनशीलता के साथ पत्रकारिता करने के लिए प्रेरित करती हैं। उनका उद्देश्य केवल पत्रकार तैयार करना नहीं, बल्कि जागरूक और जिम्मेदार मीडिया पेशेवर तैयार करना है।
मीडिया शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण रहा है। वह भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के ‘SWAYAM’ कार्यक्रम से जुड़ी रही हैं और इसके अंतर्गत मास कम्युनिकेशन पाठ्यक्रमों के समन्वय में भूमिका निभाई है। इसके अलावा उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया और यूजीसी के डीडी व्यास चैनल के लिए ई-कंटेंट तैयार करने में भी योगदान दिया है। यह कार्य डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जाता है।
डॉ. निपुणिका शाहिद की आवाज भी मीडिया जगत में पहचान रखती है। वह ऑल इंडिया रेडियो की अंग्रेजी समाचार वाचक के रूप में लंबे समय से जुड़ी हुई हैं। इसके साथ-साथ उन्होंने कई सरकारी परियोजनाओं, डॉक्यूमेंट्री फिल्मों और सामाजिक अभियानों के लिए वॉइस ओवर भी किया है। कैंसर जागरूकता और बालिका शोषण जैसे विषयों पर बनी डॉक्यूमेंट्री में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है।
उनकी प्रतिभा का एक महत्वपूर्ण उदाहरण तब सामने आया जब उन्होंने भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा आयोजित “7वां इंडिया वाटर वीक” जैसे अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम का संचालन किया। इस कार्यक्रम में भारत की राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, उत्तर प्रदेश के राज्यपाल और कई केंद्रीय मंत्री उपस्थित थे। इतने बड़े राष्ट्रीय मंच का संचालन करना उनके अनुभव और पेशेवर दक्षता को दर्शाता है।
डॉ. निपुणिका शाहिद को उनके कार्यों के लिए कई मंचों पर सम्मान भी मिला है। उन्हें भारत विकास परिषद द्वारा “आइकॉनिक वूमन ऑफ नॉर्थ इंडिया 2019” के सम्मान से नवाजा गया। इसके अलावा शैक्षणिक और मीडिया क्षेत्र में उनके योगदान के लिए कई संस्थाओं ने उन्हें सम्मानित किया है।
पत्रकारिता और शिक्षा के साथ-साथ डॉ. निपुणिका शाहिद सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी सक्रिय हैं। भारतीय लोक कला और संस्कृति के संरक्षण के लिए वह फोल्कार्टोपेडिया जैसे प्रयासों से जुड़ी रही हैं। समाज में जागरूकता फैलाने के लिए उन्होंने कई सामाजिक अभियानों में भी भाग लिया है।
लेखन के क्षेत्र में भी डॉ. निपुणिका शाहिद की मजबूत पकड़ है। उन्होंने हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लेख, कहानियां और कविताएं लिखी हैं। मीडिया की भूमिका और सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता जैसे विषयों पर उनके लेख प्रेस काउंसिल जर्नल सहित कई मंचों पर प्रकाशित हो चुके हैं।
आज के समय में जब मीडिया की भूमिका तेजी से बदल रही है, तब डॉ. निपुणिका शाहिद जैसे लोग पत्रकारिता को नई दिशा देने का काम कर रहे हैं। वह नई पीढ़ी को जिम्मेदार और संवेदनशील पत्रकार बनने के लिए प्रेरित करती हैं। साथ ही समाज के महत्वपूर्ण मुद्दों पर जागरूकता फैलाने का कार्य भी कर रही हैं।
महिला दिवस के अवसर पर डॉ. निपुणिका शाहिद की यह यात्रा यह संदेश देती है कि शिक्षा, मेहनत और समर्पण के बल पर महिलाएं हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकती हैं। उन्होंने यह सिद्ध किया है कि नारी शक्ति समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत आधारशिला है।
वास्तव में डॉ. निपुणिका शाहिद उन महिलाओं में शामिल हैं जो अपने ज्ञान, अनुभव और सामाजिक दृष्टि के माध्यम से देश के भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही हैं। पत्रकारिता, शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
इस प्रकार डॉ. निपुणिका शाहिद आज की उस सशक्त नारी का प्रतीक हैं जो अपने प्रयासों से समाज को नई दिशा दे रही है और देश के कल को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।




