एबीसी नेशनल न्यूज | नई दिल्ली | 8 मार्च 2026
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हालिया बयान को लेकर देश की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है। इसी बीच बीएसपी प्रमुख मायावती ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद राष्ट्रपति का राजनीतिकरण करना ठीक नहीं है और इस पद की गरिमा बनाए रखना सभी दलों की जिम्मेदारी है।
मायावती ने अपने बयान में कहा कि राष्ट्रपति पद भारतीय लोकतंत्र की सबसे प्रतिष्ठित संवैधानिक संस्थाओं में से एक है। इसलिए इस पद को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को अपने मतभेद लोकतांत्रिक तरीके से व्यक्त करने चाहिए, लेकिन राष्ट्रपति जैसे सर्वोच्च पद को विवादों में घसीटना लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है।
बीएसपी प्रमुख ने यह भी कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखना लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है। अगर इन संस्थाओं को लगातार राजनीतिक विवादों का हिस्सा बनाया जाएगा तो इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर हो सकती है।
दरअसल, हाल ही में ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार और राष्ट्रपति पद को लेकर सवाल उठाए थे, जिसके बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। इसी संदर्भ में मायावती की यह प्रतिक्रिया सामने आई है।
मायावती के बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा और तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर अलग-अलग राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आएंगी और राष्ट्रीय राजनीति में इस पर बहस जारी रह सकती है।




