एबीसी नेशनल न्यूज | कोलकाता | 7 मार्च 2026
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ लाए जा रहे अविश्वास प्रस्ताव को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने बड़ा राजनीतिक यू-टर्न लिया है। पहले इस प्रस्ताव से दूरी बनाए रखने के संकेत देने वाली ममता बनर्जी की पार्टी अब खुलकर विपक्ष के साथ खड़ी हो गई है और प्रस्ताव को समर्थन देने का फैसला किया है।
संसद के भीतर बढ़ते टकराव और कार्यवाही को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच विपक्षी दलों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी की है। विपक्ष का आरोप है कि सदन की कार्यवाही चलाने में निष्पक्षता नहीं बरती जा रही और कई अहम मुद्दों पर विपक्ष की आवाज दबाई जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर विपक्षी दलों ने एकजुट होकर यह प्रस्ताव लाने का फैसला किया है।
सूत्रों के मुताबिक तृणमूल कांग्रेस ने शुरुआत में इस प्रस्ताव से दूरी बनाने का रुख अपनाया था, लेकिन विपक्षी दलों के साथ बातचीत के बाद पार्टी ने अपना रुख बदल लिया। अब TMC ने साफ कर दिया है कि वह इस अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करेगी और संसद में विपक्ष के साथ खड़ी रहेगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि TMC के इस फैसले से विपक्ष को मनोबल मिला है और संसद में टकराव और तेज हो सकता है।
विपक्षी नेताओं का कहना है कि संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है और लोकसभा अध्यक्ष की भूमिका पूरी तरह निष्पक्ष होनी चाहिए। उनका आरोप है कि हाल के समय में सदन में कई ऐसे फैसले हुए हैं जिनसे विपक्ष की भूमिका कमजोर करने की कोशिश हुई है। इसी वजह से अविश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला किया गया है ताकि इस मुद्दे पर व्यापक चर्चा हो सके।
दूसरी ओर, बीजेपी और सरकार से जुड़े नेताओं ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि लोकसभा अध्यक्ष संविधान और संसदीय परंपराओं के अनुसार ही सदन की कार्यवाही चलाते हैं और विपक्ष का यह कदम केवल राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश है।
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव को औपचारिक रूप से कब पेश करता है और संसद में इस मुद्दे पर किस तरह की बहस होती है। TMC के समर्थन के बाद यह मामला और ज्यादा राजनीतिक महत्व का हो गया है, क्योंकि इससे संसद के अंदर सियासी खींचतान और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।




