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केरल विधानसभा चुनाव 2026: एलडीएफ ने गिनाए 10 साल के विकास के काम, कांग्रेस पर साधा निशाना

एबीसी नेशनल न्यूज | तिरुवनंतपुरम | 7 मार्च 2026

केरल में होने वाले विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) ने अपने दस वर्षों के शासन को विकास और जनकल्याण की मिसाल बताते हुए चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी तेज कर दी है। एलडीएफ नेताओं का कहना है कि राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में जो बदलाव आए हैं, वे पिछले एक दशक में किए गए ठोस कामों का परिणाम हैं।

एलडीएफ ने दावा किया कि राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, सरकारी स्कूलों के आधुनिकीकरण, डिजिटल बुनियादी ढांचे के विस्तार और गरीब तबकों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को लागू करने में उल्लेखनीय काम किया है। सरकार का कहना है कि कोविड महामारी और प्राकृतिक आपदाओं जैसी चुनौतियों के बावजूद केरल ने विकास की रफ्तार बनाए रखी।

वाम मोर्चे के नेताओं ने विपक्षी कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) पर भी तीखा हमला बोला। एलडीएफ का आरोप है कि कांग्रेस राज्य में विकास के मुद्दों पर ठोस दृष्टि पेश करने के बजाय केवल आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति कर रही है। वाम नेताओं का कहना है कि जनता अब काम और नीतियों के आधार पर फैसला करेगी।

एलडीएफ के मुताबिक, राज्य सरकार ने पिछले दस वर्षों में बुनियादी ढांचे के कई बड़े प्रोजेक्ट पूरे किए हैं, जिनमें सड़क नेटवर्क का विस्तार, सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाना और आईटी सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना शामिल है। सरकार का दावा है कि इन कदमों से केरल में रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं और युवाओं को राज्य में ही बेहतर संभावनाएं मिल रही हैं।

दूसरी ओर कांग्रेस और यूडीएफ एलडीएफ सरकार पर भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और वित्तीय कुप्रबंधन के आरोप लगा रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि राज्य सरकार विकास के दावों के पीछे वास्तविक समस्याओं को छिपाने की कोशिश कर रही है और आम आदमी महंगाई और रोजगार संकट से जूझ रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि केरल विधानसभा चुनाव 2026 में मुकाबला काफी दिलचस्प रहने वाला है। एक ओर एलडीएफ अपने दस साल के शासन के आधार पर जनता से तीसरी बार जनादेश मांग रहा है, तो दूसरी ओर कांग्रेस और यूडीएफ सत्ता में वापसी के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं। आने वाले महीनों में राज्य की राजनीति और भी गर्माने की संभावना है।

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