Home » National » WATCH VIDEO — देशद्रोह — मोदी की डील से भारत अमेरिका का डेटा गुलाम, लाखों IT जॉब्स खतरे में : राहुल गांधी

WATCH VIDEO — देशद्रोह — मोदी की डील से भारत अमेरिका का डेटा गुलाम, लाखों IT जॉब्स खतरे में : राहुल गांधी

Facebook
WhatsApp
X
Telegram

एबीसी नेशनल न्यूज | नई दिल्ली | 7 मार्च 2026

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अब तक का सबसे आक्रामक हमला बोला है। उन्होंने भारत-अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते को “पूर्ण समर्पण” और “देशद्रोह” करार देते हुए कहा कि मोदी सरकार ने भारत की डिजिटल संप्रभुता को अमेरिका के हाथों बेच दिया है। राहुल गांधी ने चेतावनी दी कि इससे भारत “डेटा कॉलोनी” बन जाएगा, जहां 1.4 अरब भारतीयों का डेटा विदेशी कंपनियों के कब्जे में चला जाएगा और लाखों आईटी इंजीनियरों की नौकरियां खत्म हो जाएंगी।

राहुल गांधी ने कहा, “India’s future in AI depends on who controls our data।” उन्होंने जोर देकर कहा कि आज का सबसे कीमती संसाधन डेटा है – AI का पेट्रोल। भारत के पास दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे विविध डेटा है, जो 140 करोड़ लोगों की भाषा, आदतों, लेन-देन और व्यवहार से बनता है। यह डेटा भारत को वैश्विक AI में सुपरपावर बना सकता था, लेकिन मोदी जी ने अमेरिकी दबाव में घुटने टेक दिए और डेटा को अमेरिका के हवाले कर दिया। समझौते में “डिजिटल ट्रेड बैरियर्स हटाने” के नाम पर डेटा लोकलाइजेशन खत्म कर दिया गया, भारतीय डेटा का फ्री फ्लो अमेरिका की ओर हो गया, डिजिटल टैक्स पर सीमा लगा दी गई और सोर्स कोड-एल्गोरिदम में पारदर्शिता की मांग नामुमकिन हो गई। राहुल गांधी ने इसे “US chokehold” बताया और कहा कि मोदी जी “helpless” और “compromised” होकर यह सब मान गए हैं – Epstein files, Adani केस और अन्य दबावों के चलते।

राहुल गांधी ने कहा कि पहले से ही फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप, यूट्यूब, अमेजन और एंड्रॉयड जैसी अमेरिकी कंपनियां भारतीय डेटा पर कब्जा जमाए बैठी हैं। वे हमारे डेटा से अरबों कमाती हैं, लेकिन भारत को कुछ नहीं मिलता। अब इस डील से स्थिति और भयानक हो जाएगी – 1.5 अरब भारतीयों का डेटा सुरक्षित रखना मुश्किल, विदेशी कंपनियों से पारदर्शिता मांगना असंभव और उनके मुनाफे पर टैक्स लगाना नामुमकिन। उन्होंने कहा, “मोदी जी ने भारत माता को बेच दिया! यह शर्म की बात है। हमारा डेटा, किसान, टेक्सटाइल इंडस्ट्री, ऊर्जा सुरक्षा – सब कुछ अमेरिका के चंगुल में है।” राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि अमेरिका अब तय करेगा कि भारत रूस या ईरान से तेल खरीदेगा या नहीं, और मोदी जी चुपचाप मान लेंगे।

AI इम्पैक्ट समिट 2026 का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि यह समिट भारत के लिए वैश्विक नेतृत्व दिखाने का सुनहरा मौका था। लेकिन इसके बजाय मोदी सरकार ने डेटा बेचकर देश को कमजोर किया। चीन अपने डेटा पर सख्त नियंत्रण रखता है और अपनी टेक कंपनियों को मजबूत बनाता है, जबकि भारत अपना डेटा विदेशी ताकतों को सौंप रहा है। इससे आईटी सेक्टर तबाह हो जाएगा – AI के ऑटोमेशन से Infosys, TCS जैसी कंपनियों में हजारों सॉफ्टवेयर इंजीनियर बेरोजगार हो जाएंगे। राहुल गांधी ने कहा, “AI बिना डेटा के इंजन बिना पेट्रोल के है। हमारा डेटा हमारी ताकत है, लेकिन मोदी जी ने इसे दुश्मन के हाथों थमा दिया।”

राहुल गांधी ने खुली चुनौती दी – मोदी जी इस डील को रद्द करके दिखाएं! उन्होंने कहा कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ रद्द किए, दुनिया के देशों ने समझौते renegotiate किए, लेकिन मोदी जी क्यों चुप हैं? क्योंकि वे “grip” और “choke” में हैं। कांग्रेस ने इस पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किए – युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “Compromised PM” के पोस्टर लगाए, लेकिन उन्हें “देशद्रोही” बताकर गिरफ्तार कर लिया गया। राहुल गांधी ने कहा, “शांतिपूर्ण विरोध अपराध नहीं, लोकतंत्र की आत्मा है। लेकिन Compromised PM सवालों से डरता है।”

राहुल गांधी ने मांग की कि समझौते को तुरंत रद्द किया जाए या फिर से बातचीत हो, ताकि भारत “डेटा कॉलोनी” न बने बल्कि “डेटा पावर” बने। उन्होंने कहा कि डेटा पर नियंत्रण रखकर, लोकलाइजेशन लागू करके, पारदर्शिता और टैक्सेशन से भारत वैश्विक स्तर पर बराबरी से लड़ सकता है। लेकिन मोदी सरकार ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। यह डील किसानों को GM फसलों से तबाह करेगी, टेक्सटाइल उद्योग को बर्बाद करेगी और ऊर्जा सुरक्षा को अमेरिका के हवाले कर देगी।

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments