एबीसी नेशनल न्यूज़ | नई दिल्ली | 6 मार्च 2026
भारत के पूर्व अटॉर्नी जनरल और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता के.के. वेणुगोपाल ने बाबरी मस्जिद विध्वंस से जुड़े घटनाक्रम को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि उस समय उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे कल्याण सिंह ने उन्हें यह भरोसा दिलाया था कि बाबरी मस्जिद को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा, लेकिन बाद में उन्हें एहसास हुआ कि उनसे “पूरी तरह झूठ” कहा गया था।
वेणुगोपाल ने यह बात अपने नए आत्मकथात्मक ग्रंथ “द एक्सीडेंटल लॉयर” के संदर्भ में एक बातचीत के दौरान कही। उन्होंने बताया कि 1990 के दशक में बाबरी मस्जिद विवाद के दौरान उन्हें यह भरोसा दिलाया गया था कि मस्जिद को गिरने नहीं दिया जाएगा और कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रित रहेगी।
पूर्व अटॉर्नी जनरल ने कहा कि जब 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद को गिरा दिया गया, तब उन्हें गहरा धक्का लगा और उन्हें महसूस हुआ कि उस समय की राजनीतिक नेतृत्व की ओर से उन्हें गलत जानकारी दी गई थी।
वेणुगोपाल ने बातचीत में 1980 के दशक के सिख विरोधी दंगों का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि उन दंगों के पीछे “राजनीतिक आकाओं के आदेश” जैसी स्थिति बनी हुई थी, जिसने हालात को और भयानक बना दिया।
उन्होंने न्यायपालिका से जुड़े मुद्दों पर भी अपने अनुभव साझा किए। वेणुगोपाल ने कहा कि उन्होंने अदालत में नेशनल ज्यूडिशियल अपॉइंटमेंट्स कमीशन (NJAC) का बचाव किया था और उनका मानना है कि सरकार की यह जिम्मेदारी है कि देश में किसी भी धर्म या जाति के आधार पर भेदभाव या उत्पीड़न न होने दिया जाए।
वरिष्ठ अधिवक्ता ने अपने लंबे कानूनी करियर को याद करते हुए कहा कि उन्होंने कई मुख्यमंत्रियों, राज्यों और बड़े राजनीतिक नेताओं का प्रतिनिधित्व किया, लेकिन आज भी खुद को एक “संयोग से बना वकील” मानते हैं। उनकी आत्मकथा में उनके पेशेवर जीवन के कई अहम अनुभव और राजनीतिक-कानूनी घटनाओं के पीछे की कहानियां शामिल हैं।




