एबीसी नेशनल न्यूज | तेहरान/वॉशिंगटन | 3 मार्च 2026
ईरान पर अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हमलों के दौरान केवल सैन्य कार्रवाई ही नहीं, बल्कि साइबर स्पेस में भी असामान्य गतिविधियां दर्ज की गईं। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों और निगरानी समूहों के अनुसार, हमलों के समानांतर कई ईरानी न्यूज़ वेबसाइट्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को निशाना बनाया गया। इनमें धार्मिक कैलेंडर ऐप BadeSaba भी शामिल है, जो ईरान में बड़ी संख्या में उपयोगकर्ताओं द्वारा इस्तेमाल किया जाता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ समाचार वेबसाइट्स अस्थायी रूप से ऑफलाइन हो गईं, जबकि कुछ प्लेटफॉर्म्स के होमपेज पर अनधिकृत संदेश दिखाई दिए। BadeSaba ऐप के उपयोगकर्ताओं ने भी सेवा में व्यवधान और असामान्य नोटिफिकेशन की शिकायत की। विशेषज्ञों का कहना है कि यह साइबर-इनेबल्ड ऑपरेशंस का हिस्सा हो सकता है, जहां पारंपरिक सैन्य कार्रवाई के साथ डिजिटल नेटवर्क को भी प्रभावित किया जाता है।
साइबर सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के हमलों का उद्देश्य केवल तकनीकी बाधा उत्पन्न करना नहीं होता, बल्कि सूचना प्रवाह को बाधित करना, जनमत को प्रभावित करना और मनोवैज्ञानिक दबाव बनाना भी हो सकता है। संघर्ष की स्थिति में मीडिया प्लेटफॉर्म और धार्मिक-सांस्कृतिक ऐप्स जैसे लोकप्रिय डिजिटल साधन रणनीतिक रूप से संवेदनशील माने जाते हैं।
ईरानी अधिकारियों ने कुछ वेबसाइट्स और ऐप्स में तकनीकी समस्या की पुष्टि की है, हालांकि जिम्मेदार पक्ष को लेकर कोई स्पष्ट आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। विशेषज्ञों के अनुसार, आधुनिक संघर्षों में साइबर मोर्चा तेजी से महत्वपूर्ण होता जा रहा है और सैन्य अभियानों के साथ डिजिटल हमले अब आम रणनीति का हिस्सा बनते जा रहे हैं।
इस घटनाक्रम ने यह संकेत दिया है कि मौजूदा तनाव केवल भौतिक सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजिटल अवसंरचना भी इस संघर्ष का हिस्सा बन चुकी है। सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच में जुटी हैं और डिजिटल नेटवर्क की निगरानी बढ़ा दी गई है। आने वाले दिनों में साइबर गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है।




