एबीसी नेशनल न्यूज | तेहरान / तेल अवीव | 2 मार्च 2026
मध्य पूर्व में तनाव कम होने के कोई संकेत नहीं मिल रहे हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका और Israel Defense Forces (IDF) की ओर से ईरान पर हवाई हमलों का सिलसिला जारी है। राजधानी तेहरान सहित कई शहरों में जोरदार विस्फोटों की खबरें सामने आई हैं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, बीती रात और तड़के सुबह कई इलाकों में लगातार धमाकों की आवाज़ें सुनी गईं और आसमान में धुएं के घने गुबार उठते देखे गए।
इज़राइल और अमेरिका का कहना है कि उनके हमले ईरान की सैन्य क्षमताओं और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाकर किए जा रहे हैं। शुरुआती चरण में मिसाइल सुविधाओं, रक्षा प्रतिष्ठानों और कमांड सेंटरों को टारगेट किए जाने का दावा किया गया था। हालांकि, विस्तृत क्षति और हताहतों के आंकड़े आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं किए गए हैं। तेहरान में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है और कई संवेदनशील क्षेत्रों को घेराबंदी में ले लिया गया है।
ईरान ने इन हमलों को “आक्रामक कार्रवाई” बताते हुए जवाबी कदम उठाए हैं। इज़राइल की दिशा में मिसाइल और ड्रोन दागे जाने की पुष्टि की गई है। ईरानी अधिकारियों ने कहा है कि यदि हमले जारी रहे तो जवाब और भी कड़ा होगा। खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और सहयोगी देशों की सुरक्षा व्यवस्था हाई अलर्ट पर है, जिससे पूरे इलाके में अस्थिरता की आशंका और गहरी हो गई है।
इस टकराव का असर आम नागरिकों और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल दर्ज किया गया है। कई एयरलाइंस ने मध्य पूर्व के मार्गों पर उड़ानें रद्द या डायवर्ट कर दी हैं। खाड़ी देशों ने अपने एयरस्पेस की निगरानी सख्त कर दी है और कुछ स्थानों पर अस्थायी प्रतिबंध लगाए गए हैं।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने स्थिति पर चिंता जताई है। संयुक्त राष्ट्र में आपात चर्चा की मांग उठी है और कई देशों ने सभी पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान खोजने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सैन्य कार्रवाई का दायरा और बढ़ा, तो यह संघर्ष व्यापक क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है।
फिलहाल हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है और आने वाले दिनों में इस टकराव की दिशा तय होगी। दुनिया भर की निगाहें मध्य पूर्व पर टिकी हुई हैं।




