एबीसी नेशनल न्यूज | न्यूयॉर्क/नई दिल्ली | 1 मार्च 2026
ईरान पर अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए संयुक्त हवाई हमलों के बाद वैश्विक कूटनीति तेज़ी से सक्रिय हो गई है। हालात की गंभीरता को देखते हुए United Nations Security Council ने न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आपात बैठक बुलाई। 15 सदस्यीय परिषद की इस विशेष बैठक में मध्य पूर्व में तेजी से बिगड़ते सुरक्षा हालात, संभावित क्षेत्रीय युद्ध, ऊर्जा आपूर्ति पर असर और आम नागरिकों की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर लंबी चर्चा हुई। कई सदस्य देशों ने साफ शब्दों में कहा कि यदि तुरंत संयम नहीं बरता गया तो यह संघर्ष सीमाओं से बाहर फैल सकता है और वैश्विक स्थिरता को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।
बैठक को संबोधित करते हुए संयुक्त राष्ट्र महासचिव António Guterres ने कहा कि मौजूदा हालात अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं। उन्होंने सभी पक्षों से सैन्य कार्रवाई तुरंत रोकने, तनाव कम करने और कूटनीति की ओर लौटने की अपील की। गुटेरेस ने चेतावनी दी कि अंधाधुंध हमलों और जवाबी कार्रवाई से मानवीय संकट गहरा सकता है, जिससे आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून और संप्रभुता के सम्मान पर भी जोर दिया।
सूत्रों के मुताबिक रूस और चीन ने परिषद में अमेरिका-इजरायल की सैन्य कार्रवाई की कड़ी आलोचना की और तत्काल युद्धविराम की मांग की। उन्होंने कहा कि एकतरफा सैन्य कदमों से क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ेगी। दूसरी ओर अमेरिका ने अपने कदम को “रक्षा और सुरक्षा के हित में उठाया गया आवश्यक कदम” बताया और कहा कि उसका उद्देश्य खतरे को निष्क्रिय करना था। परिषद के कई अस्थायी सदस्यों ने भी संयम, संवाद और बहुपक्षीय समाधान की जरूरत पर बल दिया। चर्चा के दौरान यह भी सवाल उठा कि यदि जवाबी हमले जारी रहे तो खाड़ी क्षेत्र के समुद्री मार्ग, वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर इसका क्या व्यापक प्रभाव पड़ेगा।
इस बीच जमीनी स्तर पर हालात लगातार बदल रहे हैं। ईरान की ओर से मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरें सामने आ रही हैं, जबकि इजरायल और अमेरिका ने अपनी सैन्य और सुरक्षा तैयारियां बढ़ा दी हैं। कई देशों ने अपने नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेल की कीमतों में उछाल और शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज की गई है, जो इस संकट के वैश्विक आर्थिक असर को दिखाता है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की यह आपात बैठक ऐसे समय में हो रही है जब पूरा क्षेत्र पहले से अस्थिर है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या कूटनीतिक प्रयास तनाव को कम कर पाएंगे या संघर्ष और तेज होगा। फिलहाल, विश्व समुदाय शांति, संयम और संवाद की उम्मीद लगाए बैठा है।




