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ईरान के 13 शहर निशाने पर, तेहरान से चाबहार तक धमाकों की गूंज; MAP में देखें विस्फोट वाली जगह

एबीसी नेशनल न्यूज | वाशिंगटन/ तेल अवीव/ नई दिल्ली | 28 फरवरी 2026

पश्चिम एशिया में जारी सैन्य तनाव ने शुक्रवार को निर्णायक मोड़ ले लिया, जब अमेरिका और इज़रायल की संयुक्त हवाई कार्रवाई में ईरान के कम से कम 13 शहरों और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आईं। प्रत्यक्षदर्शियों, ईरानी सरकारी मीडिया और अमेरिकी व इज़रायली आधिकारिक रिपोर्टों के मुताबिक हमले राजधानी तेहरान से लेकर दक्षिण-पूर्वी तटीय शहर चाबहार तक फैले रहे। इस व्यापक भौगोलिक फैलाव ने संकेत दिया है कि कार्रवाई केवल सीमित लक्ष्य तक सीमित नहीं थी, बल्कि सैन्य और सामरिक बुनियादी ढांचे को केंद्र में रखकर की गई थी।

राजधानी तेहरान में कई इलाकों में तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं और एंटी-एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय होते देखे गए। धार्मिक और रणनीतिक दृष्टि से अहम शहर क़ोम में भी विस्फोटों की पुष्टि हुई है। मध्य ईरान के इस्फहान—जहां महत्वपूर्ण सैन्य और परमाणु अनुसंधान सुविधाएं स्थित हैं—को भी निशाना बनाए जाने की खबर है। उत्तर-पश्चिम में तबरीज़ और उर्मिया के आसपास सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमले की सूचना है, जबकि पश्चिमी ईरान के करमानशाह और इलाम में धुएं के गुबार उठते देखे गए।

दक्षिण-पश्चिमी ईरान के देज़फुल क्षेत्र, जो अपने सैन्य एयरबेस के लिए जाना जाता है, वहां भी विस्फोट दर्ज किए गए। खाड़ी क्षेत्र के नजदीक बुशेहर और खार्ग द्वीप के आसपास धमाकों ने ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि यह इलाका तेल निर्यात और ऊर्जा अवसंरचना के लिए बेहद अहम माना जाता है। दक्षिण-पूर्वी तट पर स्थित मिनाब और रणनीतिक बंदरगाह चाबहार में भी हमलों की खबरें आई हैं। चाबहार का महत्व क्षेत्रीय व्यापार और समुद्री मार्गों के लिहाज से विशेष है।

अमेरिका और इज़रायल ने इन हमलों को “पूर्व-निवारक कार्रवाई” बताया है और दावा किया है कि लक्षित ठिकाने सैन्य और मिसाइल क्षमताओं से जुड़े थे। वहीं ईरान ने इसे खुला सैन्य आक्रमण करार देते हुए कहा है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने कई हमलों को विफल किया, हालांकि कुछ ठिकानों को नुकसान पहुंचने की बात भी स्वीकार की गई है। हताहतों की संख्या को लेकर आधिकारिक आंकड़े स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन स्थानीय मीडिया ने कुछ स्थानों पर जनहानि और ढांचागत क्षति की सूचना दी है।

हमलों के तुरंत बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की घोषणा की और क्षेत्र में मौजूद इज़रायली और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने की बात कही। इससे पूरे पश्चिम एशिया में सुरक्षा हालात और नाजुक हो गए हैं। कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है और क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि हमलों का फैलाव—उत्तर-पश्चिम से लेकर दक्षिणी तट तक—इस बात का संकेत है कि कार्रवाई सुनियोजित और बहु-स्तरीय थी। तेहरान, इस्फहान, बुशेहर और चाबहार जैसे शहरों को निशाना बनाए जाने से यह स्पष्ट है कि सैन्य, ऊर्जा और रणनीतिक बुनियादी ढांचे पर फोकस किया गया।

फिलहाल पश्चिम एशिया में हालात तेजी से बदल रहे हैं। दुनिया भर की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह टकराव सीमित दायरे में रहेगा या व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष में बदल सकता है। आने वाले दिन निर्णायक माने जा रहे हैं।

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