एबीसी नेशनल न्यूज | वॉशिंगट | 28 फरवरी 2026
वाशिंगटन/हवाना: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस के बाहर पत्रकारों से बातचीत में क्यूबा पर “फ्रेंडली टेकओवर” (मित्रवत अधिग्रहण) की संभावना जताई है। ट्रंप ने कहा कि क्यूबा की कम्युनिस्ट सरकार गंभीर आर्थिक संकट में है और अमेरिका के साथ बातचीत कर रही है। उन्होंने कहा, “वे हमारे साथ बात कर रहे हैं… उनके पास पैसे नहीं हैं, कुछ भी नहीं है अभी। शायद हम क्यूबा का फ्रेंडली टेकओवर कर लें। हम बहुत अच्छे से ऐसा कर सकते हैं।”
ट्रंप ने यह बयान तब दिया जब वे टेक्सास के लिए मारिन वन हेलीकॉप्टर में सवार होने जा रहे थे। उन्होंने विदेश मंत्री मार्को रुबियो का जिक्र करते हुए कहा कि रुबियो क्यूबाई नेताओं के साथ “बहुत हाई लेवल” पर चर्चा कर रहे हैं। ट्रंप ने क्यूबा को “गहरे संकट” में बताया और कहा कि “वे हमारी मदद चाहते हैं”। उन्होंने क्यूबाई एक्साइल कम्युनिटी (अमेरिका में रहने वाले क्यूबाई प्रवासियों) का हवाला देते हुए कहा कि यह “बहुत पॉजिटिव” हो सकता है।
यह बयान जनवरी के अंत में ट्रंप द्वारा हस्ताक्षरित एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के बाद आया है, जिसमें क्यूबा पर सख्त ईंधन ब्लॉकेड लगाया गया। क्यूबा, जो आयातित ऊर्जा और खाद्य पदार्थों पर बहुत निर्भर है, इस ब्लॉकेड से भारी प्रभावित हुआ है। ईंधन की कमी से वहां की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है, और स्थिति “क्रिटिकल पॉइंट” पर पहुंच गई है।
क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कानेल ने जवाब में कहा कि उनका देश अमेरिका के साथ किसी भी मुद्दे पर बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन “दबाव में बात नहीं करेंगे”। उन्होंने किसी भी तरह के जबरन या धमकी वाली चर्चा को सिरे से खारिज कर दिया।
ट्रंप की यह टिप्पणी लैटिन अमेरिका में अमेरिकी प्रभाव बढ़ाने की उनकी नीति का हिस्सा लगती है। हाल के महीनों में वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी और क्यूबा के तट पर अमेरिकी रजिस्टर्ड स्पीडबोट पर गोलीबारी की घटना ने तनाव बढ़ाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का मकसद क्यूबा में रिजीम चेंज से ज्यादा अमेरिकी कंपनियों के लिए आर्थिक फायदे पैदा करना हो सकता है।
क्यूबा सरकार ने अभी तक ट्रंप के “फ्रेंडली टेकओवर” पर विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन हवाना में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। दुनिया भर की नजरें अब वाशिंगटन और हवाना के बीच होने वाली किसी भी बातचीत पर टिकी हैं। क्या यह सिर्फ ट्रंप की स्टाइलिश बात है या वाकई कोई बड़ा बदलाव आने वाला है? समय बताएगा।




